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दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नया एक्शन प्लान-2026 लागू

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक नया एक्शन प्लान-2026 लागू किया है। इस योजना में 'नो पीयूसी-नो फ्यूल' नियम, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़े निवेश शामिल हैं। 62 जाम बिंदुओं पर सुधार कार्य किए जाएंगे और वैज्ञानिक तरीके से प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर ध्यान दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को साफ हवा प्रदान करना है।
 

दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम

‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’ नियम लागू, भारी वाहनों के लिए नई पाबंदियां


62 जाम बिंदुओं पर सुधार, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से प्रदूषण में कमी


बीएस-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी दिल्ली में एंट्री, सीएम ने दिए सख्त निर्देश


नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी में वायु प्रदूषण के खिलाफ एक व्यापक अभियान की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि 2026-27 के ऐतिहासिक ग्रीन बजट के बाद दिल्ली सरकार ने एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 लागू किया है। यह योजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है और इसका उद्देश्य स्वच्छ, हरित और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देना है।


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन बजट के माध्यम से दिल्ली सरकार ने साफ हवा और पर्यावरण को प्राथमिकता दी है। इस बजट में साफ परिवहन, धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण की निगरानी के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया गया है। एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 इन्हीं योजनाओं को समय पर लागू करेगा।


वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार योजना


यह एक्शन प्लान प्रदूषण के प्रमुख कारणों जैसे वाहनों का धुआं, सड़कों की धूल, निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों का प्रदूषण और कचरा जलाने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 11 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कार्य किया जाएगा और विभिन्न विभाग मिलकर इसे लागू करेंगे। हर कार्य के लिए समय-सीमा और जिम्मेदारी तय की गई है।


वाहन प्रदूषण पर सख्ती


मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन प्रदूषण पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ‘नो पीयूसी–नो फ्यूल’ नियम को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। 1 नवंबर 2026 से केवल बीएस-VI, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी। प्रदूषण बढ़ने पर दफ्तरों के समय में बदलाव और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदम उठाए जाएंगे।


सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर


मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। 2028-29 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 करने का लक्ष्य है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


जाम कम करने के लिए स्मार्ट सिस्टम


दिल्ली में जाम की समस्या को कम करने के लिए 62 प्रमुख जाम बिंदुओं पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। एक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है।


धूल नियंत्रण के लिए बड़े कदम


सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न मशीनों की तैनाती की जा रही है। सड़कों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जा रहे हैं।


कचरा प्रबंधन और लैंडफिल खत्म करने का लक्ष्य


मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के तहत पुराने लैंडफिल को समाप्त किया जाएगा। ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल को क्रमशः 2026 और 2027 तक खत्म करने का लक्ष्य है।


जनभागीदारी और रियल-टाइम निगरानी


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरणीय प्रशासन को मजबूत करने के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वार्ड स्तर पर ‘वायु रक्षक’ टीमें तैनात की जाएंगी।


नवाचार और जनता की भागीदारी


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक्शन प्लान में नवाचार और जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। नागरिकों को जागरूकता अभियान और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।