☰
×

दिल्ली में बिना PUC के नहीं मिलेगा ईंधन, नए नियम लागू

दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब, बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। लगभग 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक सिस्टम स्थापित किया गया है, जो बिना PUC वाले वाहनों की पहचान करेगा। इसके अलावा, PUC बनवाने की सुविधा भी पेट्रोल पंप पर उपलब्ध है। जानें इस नए नियम के तहत क्या होगा और जुर्माना कितने तक हो सकता है।
 

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए कदम

नई दिल्ली: सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसके अंतर्गत ‘नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूल’ नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। अब, वैध PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट के बिना किसी भी पेट्रोल पंप पर वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा।


इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली के लगभग 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक सिस्टम स्थापित किया गया है। इन पंपों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो परिवहन विभाग के डेटाबेस से जुड़े हुए हैं। यह सिस्टम वाहन के नंबर को स्कैन करके यह सुनिश्चित करता है कि उसका PUC सर्टिफिकेट वैध है या नहीं।


यदि कोई वाहन बिना वैध PUC के पेट्रोल पंप पर पहुंचता है, तो सिस्टम तुरंत उसका नंबर पहचान लेता है। इसके बाद, ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के माध्यम से वाहन मालिक को सूचित किया जाता है कि उनके वाहन के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है। ऐसे वाहनों को तुरंत ईंधन भरने से रोका जाएगा। इसका मतलब है कि पेट्रोल या डीजल भरवाने से पहले वाहन मालिक को PUC बनवाना होगा।


PUC की सुविधा पेट्रोल पंप पर
सरकार ने वाहन मालिकों की सुविधा के लिए कई पेट्रोल पंपों पर PUC बनवाने के कियोस्क भी स्थापित किए हैं। यदि किसी वाहन का PUC वैध नहीं है, तो वाहन मालिक वहीं प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा सकता है। PUC बनने के बाद ही वाहन में ईंधन भरने की अनुमति दी जाएगी। इससे वाहन मालिक को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अलग स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।


जुर्माना 10 हजार रुपये तक
यदि किसी वाहन के पास PUC नहीं है, तो वाहन मालिक को इसे बनवाने के लिए एक निश्चित समय दिया जा सकता है। निर्धारित समय के बाद भी यदि प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया, तो कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक पर लगभग 10 हजार रुपये तक का चालान लगाया जा सकता है।


दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन जाता है। तापमान में गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से पहले ही वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए यह व्यवस्था लागू की है।


वर्तमान में, लगभग 500 पेट्रोल पंपों पर कैमरे, परिवहन डेटाबेस और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से बिना वैध PUC वाले वाहनों की पहचान की जा रही है। हालांकि, इस कदम से दिल्ली के प्रदूषण स्तर में कितना बदलाव आएगा, इसका आकलन भविष्य में ही किया जा सकेगा।