☰
×

दिल्ली में बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर CJP कार्यकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान उन्हें पांच दिन की हिरासत का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद CJP ने कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा गया।
 

CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी


नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के कारण कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बुधवार सुबह, दोनों को मंदिर मार्ग स्थित एससीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश मिला।


गौरतलब है कि मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर प्रतिबंध के बावजूद CJP के नेता और कुछ कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे। दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका को फिर से हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। वहीं, CJP के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे को रिहा कर दिया गया।


CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि दोनों कार्यकर्ताओं को कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई में मनमानी करने का आरोप भी लगाया। रत्ना सिंह का कहना है कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को लगभग 24 घंटे तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और गिरफ्तारी के आधार की जानकारी भी नहीं दी गई।


सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई के बाद CJP ने दोनों नेताओं की रिहाई की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट में पेशी के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।