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दिल्ली में मणिपुरी गिटारवादक की हत्या: शोर-शराबे का विरोध करने पर हमला

दिल्ली के किलोकरी में मणिपुरी गिटारवादक विक्रम सिंह की हत्या उस समय हुई जब उन्होंने शोर-शराबे का विरोध किया। इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है और पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विक्रम सिंह, जो मणिपुर के प्रसिद्ध गिटारवादकों में से एक थे, की मौत ने पूर्वोत्तर समुदाय को झकझोर दिया है। जानें इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और न्याय की मांग के बारे में।
 

दिल्ली में मणिपुरी गिटारवादक की हत्या


दिल्ली के किलोकरी क्षेत्र में एक मणिपुरी संगीतकार, चोंगथाम विक्रम सिंह, की हत्या उस समय हुई जब उन्होंने अपने घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध किया। उन पर कई लोगों ने हमला किया, जिसके बाद उन्हें गंभीर चोटों के साथ अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, विक्रम सिंह ने शोर से परेशान होकर उन लोगों को रोका था, जो बाहर हंगामा कर रहे थे। इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।


शोर के खिलाफ उठी आवाज

पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार रात को विक्रम सिंह के घर के बाहर हुई। वहां कुछ लोग तेज आवाज में शोर मचा रहे थे, जिसमें डिलीवरी कर्मचारी और ढाबे के कामकाजी लोग शामिल थे। विक्रम सिंह ने जब उन्हें शांत करने का प्रयास किया, तो विवाद बढ़ गया और उन पर हमला किया गया। विक्रम को गंभीर चोटें आईं और उनके बेटे ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।


आरोपियों की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की पहचान के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है, जिसमें आरोपियों के भागने का दृश्य कैद हुआ है।


विक्रम सिंह का संगीत सफर

विक्रम सिंह केवल एक संगीत शिक्षक नहीं थे, बल्कि मणिपुर के प्रसिद्ध गिटारवादकों में से एक थे। उन्होंने कई संगीत बैंड के साथ काम किया और बाद में दिल्ली में संगीत सिखाने लगे। उनकी हत्या ने मणिपुर और दिल्ली के पूर्वोत्तर समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस घटना के बाद, पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनरेड संगमा ने ट्वीट कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मणिपुर के सांसद बिमोल अकोइजाम ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार है।