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दिल्ली में मर्द बाजार: एक खतरनाक मिथक

दिल्ली में 'मर्द बाजार' की अफवाहें अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन क्या यह सच है? इस लेख में जानें कि कैसे यह अवैध धंधा युवाओं को अपने जाल में फंसाता है। दिल्ली पुलिस की सतर्कता और इस धंधे के पीछे की सच्चाई को उजागर किया गया है। क्या आप जानते हैं कि इस तरह के संगठित रैकेट को चलाना एक गंभीर अपराध है? पढ़ें पूरी जानकारी के लिए।
 

दिल्ली के मर्द बाजार की सच्चाई

दिल्ली मर्द बाजार का सच: चाहे कनॉट प्लेस की चमकदार सड़कें हों, करोल बाग की संकरी गलियां या दक्षिणी दिल्ली के समृद्ध क्षेत्र, इंटरनेट पर अक्सर एक अफवाह फैली रहती है। यह दावा किया जाता है कि दिल्ली के इन स्थानों पर रात के समय 'मर्दों का बाजार' सजता है। सोशल मीडिया पर इस तरह की कहानियों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है जैसे यह कोई सामान्य और वैध गतिविधि हो। लेकिन, देश की राजधानी में इस नाम का कोई आधिकारिक या वैध बाजार नहीं है। दिल्ली पुलिस की कानूनी व्यवस्था में इस प्रकार की अनैतिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।


जिगोलो मार्केट का काला सच

जिगोलो मार्केट का पर्दा उठाना


बोलचाल की भाषा में 'मर्द बाजार' शब्द वास्तव में पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी है। इसका सीधा संबंध 'जिगोलो मार्केट' से है, जो पुरुष वेश्यावृत्ति का एक काला धंधा है, जो पूरी तरह से अंडरग्राउंड चलता है। अंदर की खबरें बताती हैं कि कुछ शातिर अपराधी और सिंडिकेट रात के अंधेरे में सक्रिय होते हैं। ये लोग कानून की नजरों से बचकर अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं, जिसे कुछ लोग अज्ञानता में एक संगठित बाजार मान लेते हैं।


युवाओं का शिकार

कमाई के लालच में फंसते युवा


इस कथित बाजार के नाम पर जो सबसे खतरनाक खेल चल रहा है, उसका शिकार देश का युवा हो रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर 'जिगोलो क्लब ज्वाइन' करने और रातों-रात अमीर बनने के आकर्षक विज्ञापन दिखाई देते हैं। बेरोजगारी और त्वरित धन कमाने की चाह में युवा इन विज्ञापनों पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद वसूली का दौर शुरू होता है, जहां रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल चेकअप कार्ड और होटल बुकिंग के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। पैसे ट्रांसफर होते ही ठग गायब हो जाते हैं।


दिल्ली पुलिस की सतर्कता

दिल्ली पुलिस का कड़ा पहरा


इस पूरे गोरखधंधे और ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर दिल्ली पुलिस का खुफिया तंत्र सक्रिय है। संदिग्ध सोशल मीडिया पेजों और रात के समय सड़कों पर होने वाली गतिविधियों पर पुलिस की टीमें नजर रखती हैं। कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में इस तरह के किसी भी संगठित सेक्स रैकेट या वेश्यावृत्ति नेटवर्क को चलाना अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (ITPA) के तहत एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने युवाओं को चेतावनी दी है कि वे ऐसे भ्रामक विज्ञापनों और कथित क्लबों के झांसे में न आएं।