दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर उपराज्यपाल का महत्वपूर्ण कदम
महिलाओं की सुरक्षा पर उपराज्यपाल की समीक्षा
महिलाओं की सुरक्षा पर उपराज्यपाल का ध्यान: दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को तेज कर दिया है। महिला कॉलेजों और उनके आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठ रही शिकायतों के बीच, LG ने सभी महिला कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ एक बैठक आयोजित की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कॉलेज परिसर और वहां आने-जाने वाले रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना है।
छात्राओं की चिंताओं का समाधान
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल के दिनों में दिल्ली के महिला कॉलेजों के आसपास सुरक्षा को लेकर छात्राओं की चिंताएं बढ़ी हैं। विशेष रूप से आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन से लगभग दो किलोमीटर दूर हुई थी, जिसके बाद छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन भी किया।
प्रिंसिपल्स से फीडबैक लेने की योजना
LG ने सुरक्षा व्यवस्था में केवल सरकारी अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय कॉलेज प्रशासन और छात्राओं से सीधे फीडबैक लेने पर जोर दिया है। इससे पहले, संधू ने इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमेन का औचक दौरा किया था, जहां उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सुना। छात्राओं ने मुख्य रूप से कॉलेज आने-जाने के दौरान सुरक्षा, आसपास की सड़कों, रोशनी और सार्वजनिक स्थानों से जुड़ी चिंताएं व्यक्त की हैं।
कॉलेज के बाहर सुरक्षा पर ध्यान
प्रशासन का ध्यान अब केवल कॉलेज की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। LG ने पुलिस और संबंधित एजेंसियों को कॉलेजों और स्कूलों के साथ जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकारियों को छात्रों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय लोगों के साथ नियमित संवाद करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि छात्राओं को कॉलेज के अंदर ही नहीं, बल्कि घर से कॉलेज तक आने और वापस जाने के दौरान किन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
डार्क स्पॉट्स को खत्म करने की पहल
28 सितंबर को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में LG ने दिल्ली पुलिस को संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग और विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। DDA, MCD और PWD को पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग, सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था, सुरक्षित सीमाएं और अंधेरे स्थानों यानी डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। DDA ने अपने अधीन करीब 300 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट भी शुरू किया है। बड़े पार्कों का संबंधित एजेंसियों के प्रमुखों द्वारा व्यक्तिगत निरीक्षण करने को कहा गया है।