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दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सशक्त सहायता तंत्र का निर्माण

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य है कि संकट के समय किसी भी महिला या बच्चे को मदद के लिए भटकना न पड़े। इसके लिए वन स्टॉप सेंटर, हेल्पलाइन, और सुरक्षित परिवहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जानें कैसे दिल्ली सरकार महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रही है।
 

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर दिल्ली सरकार का ध्यान

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, सहायता और कल्याण शामिल हैं। उनका उद्देश्य है कि संकट के समय किसी भी महिला या बच्चे को मदद के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर सुरक्षा, परामर्श, आश्रय, कानूनी सहायता और पुनर्वास की सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर परिवहन, लोक निर्माण, नगर निकायों और शैक्षणिक संस्थानों तक विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों, बेहतर रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।


तत्काल सहायता और वन स्टॉप सेंटर

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं की सहायता के लिए 11 वन स्टॉप सेंटर उपलब्ध हैं। महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, शक्ति सदन और संरक्षण अधिकारियों के साथ जोड़ा गया है, ताकि जरूरत के समय महिलाओं को समन्वित सहायता मिल सके। घरेलू हिंसा और दहेज से संबंधित मामलों में सहायता के लिए 20 संरक्षण अधिकारी कार्यरत हैं। इसके अलावा, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य और जिला स्तर पर हब तथा सुविधा केंद्र भी उपलब्ध हैं। दिल्ली में 15 महिला आश्रय गृह और 14 कामकाजी महिला हॉस्टल भी संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,427 है।


सुरक्षित परिवहन और तकनीकी निगरानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल सहायता केंद्रों तक सीमित नहीं हो सकती। सड़कों, सार्वजनिक परिवहन, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में 2,947 बस मार्शल तैनात हैं और 56 महिला विशेष बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से 15 बसें शाम की पाली में चलती हैं और शाम पांच बजे के बाद इनमें सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) से जोड़ा गया है।


बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना भी आवश्यक है। दिल्ली में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, बाल देखभाल संस्थानों और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा, लड़कों और लड़कियों के लिए आफ्टर केयर होम भी उपलब्ध हैं।


सुरक्षित और सशक्त समाज का लक्ष्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण और नागरिकों को सुरक्षित जीवन देने का संकल्प देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार है। दिल्ली सरकार इसी भावना के अनुरूप ऐसी व्यवस्थाएं मजबूत कर रही है, जिनमें महिलाओं को संकट के समय त्वरित सहायता मिले और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में सीखने का अवसर मिले।