दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
दिल्ली में प्रदर्शन की सुरक्षा व्यवस्था
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को मजबूत कर दिया है। पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है और दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भी तैनाती की गई है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। जनपथ, टॉल्सटॉय मार्ग और संसद मार्ग समेत कई स्थानों पर आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
जंतर-मंतर पर पुलिस और RAF की तैनाती की गई है। एहतियात के तौर पर आसपास के 11 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस और लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए), राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 5,000 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस वाहन भी तैनात किए गए हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर ड्रोन के इस्तेमाल की भी तैयारी है।
इस बीच, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की ओर से भी जंतर-मंतर तक मार्च का आह्वान किया गया है। संगठनों का दावा है कि प्रस्तावित मार्च के लिए अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के मार्च में शामिल होने की बात कही गई है।
पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सोशल मीडिया पर लोगों से 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सीईसी के इस्तीफे की मांग उठाते हुए मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। आम आदमी पार्टी ने भी सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। पार्टी की ओर से एसआईआर प्रक्रिया को हटाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में युवाओं तथा विभिन्न संगठनों से शामिल होने का आह्वान किया गया है।
आप नेता मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और प्रदेशाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी लोगों से प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की है। संजय सिंह ने एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया है, जबकि पार्टी नेताओं ने इसे मतदान के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया है।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान किया था, हालांकि मुंबई पुलिस ने इसके लिए अनुमति नहीं दी। इसके बाद संगठन ने ‘जेल भरो आंदोलन’ की बात कही है।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति भीड़ जुटने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जबकि प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठन एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को लेकर विरोध दर्ज कराने पर जोर दे रहे हैं。