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दिल्ली में मेड द्वारा बुजुर्ग पर झूठा रेप आरोप, बेटे की सूझबूझ से खुलासा

दिल्ली के द्वारका में एक मेड ने 55 वर्षीय बुजुर्ग पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। लेकिन बुजुर्ग के बेटे ने सूझबूझ दिखाते हुए इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिससे पुलिस ने सच्चाई का पता लगाया। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है, और यह मामला उन लोगों के लिए एक सबक है जो बिना सत्यापन के अनजान व्यक्तियों को अपने घरों में प्रवेश देते हैं।
 

दिल्ली में सनसनीखेज मामला

नई दिल्ली: आजकल ऑनलाइन सर्विस ऐप के माध्यम से घर पर सुविधाएं प्राप्त करना आम बात हो गई है, लेकिन कभी-कभी यह सुविधा गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मेड ने घर की सफाई के लिए बुलाए जाने के बाद पूरे परिवार को संकट में डाल दिया। काम खत्म करने के बाद, मेड ने 55 वर्षीय बुजुर्ग पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पुलिस को बुला लिया। लेकिन जब मामले की गहराई से जांच की गई, तो एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ।


धमकी और पैसे की मांग

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला का नाम पूजा गिरी है। उसने पीड़ित परिवार को ब्लैकमेल करने के लिए एक खतरनाक योजना बनाई थी। महिला ने पुलिस में शिकायत न करने के बदले में परिवार से 5 लाख रुपये की मांग की। वह लगातार धमकी दे रही थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वह बुजुर्ग को झूठे रेप केस में फंसा देगी। इस धमकी से परिवार में भय का माहौल बन गया था और उन पर पैसे देने का भारी दबाव था।


बेटे की सूझबूझ ने बचाई स्थिति

इस डर और दबाव के बीच, पीड़ित बुजुर्ग के बेटे ने अद्भुत साहस और समझदारी दिखाई। जब आरोपी महिला ब्लैकमेल कर रही थी, तो बेटे ने चुपचाप इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। उसने पैसे लेते समय का भी वीडियो रिकॉर्ड किया और इस महत्वपूर्ण सबूत को पुलिस को सौंप दिया। इस वीडियो के मिलने के बाद, पुलिस ने जब जांच की, तो महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे साबित हुए।


आरोपी की गिरफ्तारी

इस पुख्ता सबूत के आधार पर, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को पूजा गिरी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी के दौरान 2 लाख रुपये भी बरामद हुए, जो उसने ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूले थे। पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी महिला पहले भी इसी घर में सफाई का काम कर चुकी थी। वर्तमान में, अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है जो बिना किसी सत्यापन के अनजान व्यक्तियों को सर्विस ऐप के माध्यम से अपने घरों में प्रवेश करने की अनुमति देते हैं।