दिल्ली में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के लिए नए हॉस्टल का निर्माण
नई हॉस्टल परियोजना की स्वीकृति
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) परिसर में लड़कों और लड़कियों के लिए दो नए हॉस्टल भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल अनुमानित लागत 573.41 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। दोनों हॉस्टलों का निर्माण कार्य लगभग 36 महीनों में पूरा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें।
छात्रों की बढ़ती संख्या और हॉस्टल की आवश्यकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समिति के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पहले जहां प्रति वर्ष 150 छात्रों का प्रवेश होता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 250 हो गई है। इस बढ़ोतरी के कारण हॉस्टल सुविधाओं पर दबाव बढ़ा है और वर्तमान में कमरों की कमी के चलते कई छात्रों को साझा आवास में रहना पड़ रहा है, जबकि कुछ छात्रों को हॉस्टल सुविधा से वंचित भी होना पड़ता है। कॉलेज के मौजूदा हॉस्टल वर्ष 1965 से 1982 के बीच बने थे और इनमें से कई भवन पुराने हो चुके हैं। ऐसे में नए हॉस्टल निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
नए हॉस्टल के निर्माण की योजना
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए पर्याप्त और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस आवश्यकता के मद्देनजर नए हॉस्टल ब्लॉक मौजूदा परिसर में ही विकसित किए जाएंगे। परियोजना के तहत छात्राओं के लिए साइट-ए पर हॉस्टल भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 269.19 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, छात्रों के लिए साइट-बी पर हॉस्टल भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 304.22 करोड़ रुपये होगी। दोनों भवनों में बेसमेंट और सुपर-स्ट्रक्चर के साथ सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्य शामिल होंगे।
सामाजिक लाभ के लिए परियोजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना व्यावसायिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह से सामाजिक लाभ को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसके माध्यम से छात्रों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई और जीवन स्तर दोनों में सुधार होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध है और निर्माण कार्य प्रशासनिक स्वीकृति तथा व्यय स्वीकृति प्राप्त होने के छह माह के भीतर प्रारंभ किया जाएगा। योजना के अनुसार छह माह का समय योजना निर्माण के लिए और 30 माह का समय निर्माण कार्य के लिए निर्धारित किया गया है। निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद इसका लाभ छात्रों को मिलना शुरू हो जाएगा।
दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें। इसी नीति के तहत वर्षों से लंबित आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना न केवल छात्रों के लिए आधुनिक और सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि दिल्ली के चिकित्सा शिक्षा ढांचे को भी सशक्त बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से आने वाले वर्षों में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में और अधिक मजबूती के साथ उभरेगा।