×

दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को स्वच्छ और प्रवाहमान बनाने के लिए एक ठोस कार्य योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाने, अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क का विस्तार, और नालों की निगरानी के लिए नए सिस्टम की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। जानें इस मिशन के तहत और क्या कदम उठाए जाएंगे और कैसे यह दिल्ली की जीवनरेखा को पुनर्जीवित करेगा।
 

मुख्यमंत्री का यमुना स्वच्छता मिशन

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को स्वच्छ और प्रवाहमान बनाने के लिए एक ठोस कार्य योजना लागू करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश उन्होंने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में यमुना की वर्तमान स्थिति, सीवेज ट्रीटमेंट, नालों की सफाई और अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने के कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की जीवनरेखा है। सरकार वैज्ञानिक योजना और समयसीमा के अनुसार काम कर रही है, साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय भी स्थापित किया जा रहा है। बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।


सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

1500 एमजीडी दूषित पानी साफ करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मिलकर रोजाना 814 मिलियन गैलन गंदा पानी साफ कर रहे हैं। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने इस क्षमता को बढ़ाकर 1500 एमजीडी करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुरानी मशीनों को सुधारकर दिसंबर 2027 तक 56 एमजीडी और 35 नए छोटे डिसेन्ट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, नए बड़े प्लांट लगाकर दिसंबर 2028 तक 460 एमजीडी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे यमुना में बिना साफ किया गया गंदा पानी नहीं जाएगा, जिससे नदी का पानी धीरे-धीरे साफ होगा।


अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क का विस्तार

अनधिकृत कॉलोनियों व जेजे क्लस्टर्स में सीवर लाइन बिछाने में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों और जेजे क्लस्टर्स में सीवर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। 675 जेजे क्लस्टर्स में से 574 में काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क का काम दिसंबर 2026 से दिसंबर 2028 तक पूरा किया जाएगा। इससे यमुना में गंदा पानी जाने से रोका जा सकेगा।


नालों की निगरानी के लिए नया सिस्टम

नालों की निगरानी के लिए विशेष सिस्टम
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब दिल्ली के नालों की निगरानी के लिए एक पुख्ता सिस्टम बनाया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमें हर महीने पानी की जांच कर रही हैं। यह सर्वेक्षण जनवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा।


पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय की आवश्यकता

पड़ोसी राज्यों से समन्वय भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बनाना आवश्यक है। नजफगढ़ ड्रेन में हरियाणा के छह नाले मिलते हैं, जो कुल दूषित पानी का 33 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करने का आश्वासन दिया।


औद्योगिक क्षेत्रों के प्रदूषण पर नियंत्रण

औद्योगिक क्षेत्रों के प्रदूषित पानी को किया जाएगा नियंत्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को नियंत्रित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की नियमित जांच की जाए।


यमुना पुनर्जीवन मिशन का लक्ष्य

वर्ष 2028 तक यमुना पुनर्जीवन मिशन: पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि वर्ष 2028 तक यमुना पुनर्जीवन मिशन के अंतर्गत सभी प्रमुख नालों और सीवर से जुड़े कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।