दिल्ली में यशोत्सव 2026: मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यशोत्सव 2026 में योगदान
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शनिवार को द्वारका के यशोभूमि में आयोजित ‘यशोत्सव 2026 – समापन समारोह और पुरस्कार वितरण’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार की ओर से शिक्षा में उत्कृष्टता दिखाने वाले 1200 टॉप रैंकर्स (छात्र-छात्राओं) को लैपटॉप प्रदान किए। इसके साथ ही, दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26 के विजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। इस खेल आयोजन में हजारों प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं के 222 मेधावी छात्रों तथा 34 उत्कृष्ट विद्यालयों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां न केवल विद्यार्थियों के परिश्रम का परिणाम हैं, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के मार्गदर्शन का भी प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल पुरस्कार वितरण का अवसर नहीं है, बल्कि युवा प्रतिभाओं के परिश्रम, समर्पण और उपलब्धियों का उत्सव है। दिल्ली सरकार का उद्देश्य शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में युवाओं को समान अवसर प्रदान करना है ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा, आधुनिक संसाधन और अवसर उपलब्ध हों। इसी दिशा में सरकार ने 2025-26 में लगभग 9000 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए हैं, 275 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित की हैं और 100 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की गई हैं ताकि विद्यार्थी डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक स्कूल डिजिटल रूप से सुसज्जित हो, जहां स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब और आधुनिक पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों। विद्यार्थी अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर देश और विदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में आगे बढ़ें और भविष्य में राजधानी का नाम रोशन करें।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र, समावेशी और भविष्य उन्मुख बनाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली सरकार शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे डिजिटल, आधुनिक और भविष्य उन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में लैपटॉप वितरण जैसी पहलें विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली खेल महाकुंभ के सफल आयोजन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ ने 25,000 से अधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया और खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली सरकार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत खिलाड़ियों को पहले चरण में 35 करोड़ रुपये और आज 15 करोड़ रुपये की राशि यानी कुल 50 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है, जिससे उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन और आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का हर युवा चाहे वह शिक्षा में हो या खेल में उसे आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर मिले। सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है जहां प्रतिभा को पहचान, प्रोत्साहन और सही मंच मिले।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने 1,03,700 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है, जिसमें लगभग 19,000 करोड़ रुपये शिक्षा के लिए रखे गए हैं। इससे साफ है कि सरकार शिक्षा और छात्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और सरकारी स्कूलों को लेकर धारणा बदल रही है।
उन्होंने इस विजन को जमीन पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यशोभूमि केवल एक भव्य स्थल नहीं, बल्कि युवाओं की उपलब्धियों का प्रतीक है चाहे 222 सीबीएसई टॉपर्स हों, 79 दिव्यांग विजेता हों या खेल महाकुंभ में भाग लेने वाले 25,000 खिलाड़ी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली खेल महाकुंभ मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जहां खेलों को प्राथमिकता दी गई है। पहले खेल सीमित संसाधनों तक थे, लेकिन अब 16 मैदानों और स्टेडियमों को खोलने से बड़े स्तर पर भागीदारी संभव हुई है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए 7 करोड़ रुपये, 5 करोड़ रुपये और 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि तय की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में जीत की भावना विकसित करना है। शिक्षा और खेल को राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में कला उत्सव, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’, सरदार पटेल पेंटिंग प्रतियोगिता, 280 बाल वाटिकाएं, दिव्यांग छात्रों के लिए उपकरण, आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और 100 से अधिक ड्रोन क्लब जैसे कई नवाचार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और लक्ष्य दिल्ली को शिक्षा और खेल में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में दिल्ली को खेल राजधानी बनाने का संकल्प लिया गया है।