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दिल्ली में युवराज सिंह मनचंदा की हत्या: एक खौफनाक कहानी जो सबको हिला देगी

दिल्ली में युवराज सिंह मनचंदा की हत्या ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। 6 सितंबर को घर से निकले युवराज की हत्या के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। परिवार को 10 सितंबर को मिली अज्ञात लाश की पहचान युवराज के रूप में हुई। पुलिस जांच में आर्थिक विवाद और पूर्व सहकर्मी के साथ संबंधों का खुलासा हुआ है। जानिए इस खौफनाक मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे के राज़।
 

दिल्ली में एक युवक की हत्या ने मचाई खलबली


नई दिल्ली: दिल्ली के एक प्रतिभाशाली युवक की शादी से पहले हुई हत्या ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। 6 सितंबर की शाम को 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा ने अपने परिवार को बताया कि वह रात 10 बजे तक लौटेंगे, लेकिन इसके बाद उनके फोन से केवल संदेश ही आते रहे। परिवार ने सोचा कि वह किसी काम में व्यस्त हैं, जबकि असल में उनकी हत्या हो चुकी थी। अब इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।


युवराज का पेशा और शादी की तैयारी

युवराज सिंह मनचंदा, जो दिल्ली के सरिता विहार में अपने परिवार के साथ रहते थे, Adani Realty में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। 6 सितंबर को, वह अपनी बहनों के साथ लाजपत नगर की सेंट्रल मार्केट में खरीदारी करने गए थे। उनकी शादी अक्टूबर में होने वाली थी, और उन्होंने इस दौरान अपनी शादी के लिए शेरवानी भी फाइनल की थी। परिवार के साथ लाजपत नगर के एक रेस्टोरेंट में भोजन के बाद, युवराज ने बताया कि उन्हें गुरुग्राम में एक जरूरी मीटिंग के लिए जाना है और वह रात तक लौट आएंगे। शाम करीब 7 बजे परिवार ने उनसे आखिरी बार बात की, लेकिन उसके बाद उनका फोन बंद हो गया।


रहस्यमय मैसेज और फोन की स्थिति

फोन बंद था, फिर भी आते रहे मैसेज


इस मामले में सबसे रहस्यमय पहलू युवराज का मोबाइल फोन है। परिवार के अनुसार, 6 सितंबर की रात घर न लौटने के बावजूद अगले दो दिनों तक उनके नंबर से मैसेज आते रहे, जिससे परिवार को लगा कि वह किसी काम में व्यस्त हैं। लेकिन अब पुलिस जांच में यह सामने आया है कि ये मैसेज युवराज ने नहीं, बल्कि आरोपियों ने उनके फोन से भेजे थे। 8 सितंबर के बाद उनका फोन पूरी तरह से बंद हो गया।


गुरुग्राम में हुई मुलाकात और विवाद

गुरुग्राम में मुलाकात और सब कुछ खत्म


पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवराज जिस मीटिंग के लिए गुरुग्राम गए थे, वह उनकी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स के साथ थी। दोनों पहले एक ही रियल एस्टेट कंपनी में काम कर चुके थे। अन्या को कथित वित्तीय गड़बड़ियों के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था।


हत्या का कारण और शव की स्थिति

कार में हुआ विवाद, फिर हत्या


पुलिस के अनुसार, अन्या ने युवराज को गुरुग्राम के सेक्टर 70 में मिलने बुलाया था। वहां पहुंचने के बाद, युवराज और अन्या के बीच किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ, जिसके बाद युवराज की हत्या कर दी गई। आरोपियों के शुरुआती बयान में बताया गया कि शव करीब 7 घंटे तक कार में रखा गया था, लेकिन बाद में उनके बयान बदल गए और पुलिस के मुताबिक शव करीब दो दिन तक कार में ही पड़ा रहा।


आरोपियों की गिरफ्तारी और शव की पहचान

नाले से मिला अज्ञात शव निकला युवराज का


10 सितंबर को बादशाहपुर पुलिस को एक नाले से बुरी तरह सड़ी हुई अज्ञात लाश मिली, जिसकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी। युवराज के परिवार ने 11 सितंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल डिटेल और CCTV की मदद से जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि युवराज की आखिरी बातचीत अन्या वत्स से हुई थी।


आर्थिक विवाद और परिवार की पीड़ा

डूबने से हुई मौत, उठे कई सवाल


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवराज की मौत की वजह डूबने से दम घुटना बताई गई है। पुलिस अब इस हत्या के पीछे आर्थिक विवाद की भी जांच कर रही है। परिवार का आरोप है कि उन्हें न तो शव दिखाया गया और न ही अंतिम संस्कार से पहले उनसे संपर्क किया गया।


अभी भी अनसुलझे हैं कई सवाल

अभी भी अनसुलझे हैं कई सवाल


इस मामले में कई सवाल अभी भी जांच का हिस्सा बने हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।