☰
×

दिल्ली में वायुसेना गोल्फ कोर्स की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

केंद्र सरकार ने दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर स्थित वायुसेना गोल्फ कोर्स की भूमि को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भूमि प्रधानमंत्री आवास के निकटता के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस निर्णय के तहत, भूमि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को सौंपी जाएगी, जिससे इसके पुनर्विकास की संभावनाएं खुलती हैं। यह कदम लुटियंस दिल्ली में अन्य प्रमुख संपत्तियों की वापसी की प्रक्रिया के बीच उठाया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की वजहें और भविष्य की योजनाएं।
 

दिल्ली में महत्वपूर्ण भूमि का पुनर्वास

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर स्थित वायुसेना गोल्फ कोर्स के संबंध में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने इस प्रमुख भूमि को वापस लेने की औपचारिक प्रक्रिया आरंभ कर दी है। योजना के अनुसार, यह भूमि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को सौंप दी जाएगी। इस निर्णय की जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना सहित सभी संबंधित विभागों को आधिकारिक रूप से भेज दी है।


सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भूखंड

प्रधानमंत्री आवास के निकटता
लोक कल्याण मार्ग पर स्थित यह भूखंड सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास के निकट है। भूमि की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा इस स्थान के पुनर्विकास या अन्य प्रशासनिक उपयोग के लिए नई योजनाएं बनाई जा सकती हैं।


लुटियंस दिल्ली में भूमि वापसी की प्रक्रिया

भूमि और विकास कार्यालय की सक्रियता
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने लुटियंस दिल्ली के आसपास पहले से पट्टे पर दी गई या कथित रूप से घिरी हुई भूमि को वापस लेने की प्रक्रिया में तेजी लाई है। इसमें केवल वायुसेना गोल्फ कोर्स ही नहीं, बल्कि दिल्ली रेस क्लब, इंडियन पोलो एसोसिएशन और ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब जैसी प्रमुख संस्थाओं द्वारा उपयोग की जा रही संपत्तियां भी शामिल हैं।


सार्वजनिक उपयोग के लिए योजना

भविष्य की योजनाएं
हालांकि, सरकार ने इस भूमि के अंतिम उपयोग और उद्देश्य के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह कदम राजधानी की महत्वपूर्ण सरकारी भूमि के बेहतर और सार्वजनिक हित में कुशल उपयोग के लिए एक व्यापक योजना का हिस्सा है।


पिछले प्रयासों की याद

यह ध्यान देने योग्य है कि 2017 में भी भूमि एवं विकास विभाग ने वायुसेना खेल परिसर, जयपुर पोलो ग्राउंड और ओल्ड विलिंगडन कैंप जैसी संपत्तियों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब इस नई प्रक्रिया के आरंभ होने से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।