दिल्ली में विपक्षी दलों की महारैली: SIR के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन
दिल्ली में विपक्षी दलों की विशाल महारैली
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी दलों के गठबंधन 'INDIA ब्लॉक' द्वारा एसआईआर (SIR) के खिलाफ एक बड़ी महारैली का आयोजन किया जा रहा है। सुबह से ही विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आना शुरू हो गया है। इस संयुक्त रैली में 20 से अधिक विपक्षी दलों के प्रमुख नेता एक मंच पर इकट्ठा होकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि इस रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे।
मुख्य वक्ता और उनके मुद्दे
राहुल गांधी, खड़गे, अखिलेश और ममता बनर्जी करेंगे संबोधित
इस महारैली में विपक्षी एकता को दर्शाने की योजना है। मुख्य वक्ताओं में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी शामिल हैं। ये सभी नेता एकजुट होकर केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएंगे और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर चर्चा करेंगे।
विपक्ष की मांगें और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
इस महारैली का मुख्य उद्देश्य एसआईआर (SIR) का विरोध करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को जोरदार तरीके से उठाना है। विपक्षी दलों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में निष्पक्षता की कमी है। पिछले 25 दिनों में यह विपक्षी दलों की सातवीं बड़ी लामबंदी है। इससे पहले, 6 से 13 अक्टूबर के बीच भी उन्होंने इस मुद्दे पर छह अलग-अलग प्रदर्शन किए थे।
कॉकरोच जनता पार्टी का नैतिक समर्थन
रैली से दूरी बनाए रखी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन वोट चोरी और चुनावी विसंगतियों के खिलाफ सभी लोकतांत्रिक समूहों का नैतिक समर्थन करता है, लेकिन वे इस राजनीतिक रैली में शामिल नहीं होंगे। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और यातायात को सुचारू रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है।