दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के चलते ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की तैयारी
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को विपक्षी दलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। लुटियंस दिल्ली और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित और डायवर्ट किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए कनॉट प्लेस (CP), पटेल चौक, विंडसर प्लेस, अशोक रोड, संसद मार्ग और जंतर-मंतर रोड की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। इन क्षेत्रों में बैरिकेडिंग के कारण मध्य दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल सकता है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा।
जाम से बचने के लिए सलाह
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता और दैनिक यात्रियों से अनुरोध किया है कि यदि संभव हो, तो प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों की ओर जाने से बचें। आवश्यक कार्यों के लिए इन मार्गों से गुजरने वाले नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जाम की संभावना को देखते हुए पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। इसके साथ ही, सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया गया है।
नो-पार्किंग नियमों का पालन
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित या डायवर्जन वाले क्षेत्रों में अवैध पार्किंग या अनावश्यक रूप से गाड़ी रोकने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर लगे दिशा-निर्देशों, ट्रैफिक साइनेज और चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। स्थिति और भीड़ के दबाव को देखते हुए रूट प्लान में आवश्यकतानुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं।
सुरक्षा के लिए तैनात बल
विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन को देखते हुए, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा का कड़ा चक्रव्यूह तैयार किया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 3,000 से अधिक सुरक्षा जवानों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। सुरक्षा बल में 27 पुरुष और 4 महिला कंपनियां शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक कंपनी में औसतन 100 से 115 जवान तैनात रहते हैं। संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट गोल चक्कर और निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय के सभी प्रमुख चौराहों पर कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेड्स लगाए गए हैं।