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दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की नई पहल

दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई नई पहलों की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया और 50 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का भी उल्लेख किया गया। जानें इस बारे में और क्या-क्या नई सुविधाएं दी गई हैं।
 

दिल्ली सरकार की नई पहलों की शुरुआत

नई दिल्ली - दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डीटीसी के तेहखंड डिपो में एक स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों का शुभारंभ भी किया गया। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने 50 नई शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और दिल्ली-रेवाड़ी के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की। कार्यक्रम में डीटीसी की कॉफी टेबल बुक का अनावरण भी किया गया।


मुख्यमंत्री का स्थायी समाधान का संकल्प

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि उनके स्थायी समाधान प्रदान करना है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन पहलों के लिए बधाई दी और कहा कि सरकार दिल्ली के परिवहन तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।


चार ‘एस’ के मूल मंत्र

मुख्यमंत्री ने दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात कही: सुरक्षा, स्थिरता, निर्बाध कनेक्टिविटी और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए नई इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।


पुराने बस शेल्टर का आधुनिकीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि बसों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना भी आवश्यक है। पुराने बस शेल्टरों को आधुनिक रूप दिया जाएगा ताकि वे सुविधाजनक और आकर्षक बन सकें।


महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा

महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 18 लाख महिलाओं ने पिंक कार्ड बनवाए हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना पिंक कार्ड बनवाएं।


स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन

डीटीसी तेहखंड डिपो में दिल्ली का दूसरा स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र खोला गया है, जो वाहनों की फिटनेस जांच को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाएगा। इस केंद्र की वार्षिक परीक्षण क्षमता 72,000 वाहनों की होगी।


दिल्ली में ईवी बसों की संख्या में वृद्धि

कार्यक्रम के दौरान, 50 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा लगभग 6,840 हो गया है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक बसों की संख्या को 14,000 तक बढ़ाना है।


दिल्ली-रेवाड़ी ई-बस सेवा की शुरुआत

दिल्ली सरकार ने दिल्ली-रेवाड़ी के बीच शून्य-उत्सर्जन अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की है, जो धौला कुआं से रेवाड़ी तक चलेगी।


ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।


सरकार का स्वच्छ और सुरक्षित परिवहन का संकल्प

दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्लीवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन प्रदान करना है।