दिल्ली में हॉस्टल इमारत ढहने से छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठे
दिल्ली में दर्दनाक हादसा
दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में 'हॉस्टल डेज' नामक एक पांच मंजिला छात्रावास ढह गया है, जिसमें लगभग 50 छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। इस दुखद घटना के बाद, अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) आकर इस हादसे के कारणों की जानकारी देंगे?
छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं
दीपके ने देश में बुनियादी ढांचे की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पूछा कि छात्रों को कब तक लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उचित देखभाल और सहायता के अभाव में आदिवासी छात्र भी अपने क्षेत्रों में सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने पीएम मोदी से इस प्रकार की घटनाओं पर जवाब देने की मांग की।
आप नेता ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की तुलना साकेत में हुई पिछली त्रासदियों से करते हुए एमसीडी पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एमसीडी के बिल्डिंग विभाग में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के तबादले का रेट 1.25 करोड़ रुपये है। उनके अनुसार, विभागों में फैले भ्रष्टाचार के कारण ऐसे हादसे रुक नहीं रहे हैं।
कांग्रेस ने राहत कार्य की मांग की
कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए चिंता व्यक्त की है कि प्रभावितों में अधिकांश दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हैं। पार्टी ने सरकार से तुरंत राहत कार्य चलाने की अपील की है। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में मदद कर रहे हैं।
राहत कार्य जारी, कई छात्रों को बचाया गया
घटनास्थल पर एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए की टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। मलबे से 6-7 छात्रों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। वहीं, एम्स (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए तीन छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।