दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण का काम अंतिम चरण में, नई लाइनों से मिलेगी राहत
दिल्ली एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण का कार्य अंतिम चरण में पहुँच गया है। इस वर्ष के अंत तक, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) तीन महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है। इन नई लाइनों के चालू होने से मेट्रो नेटवर्क में कुल 41 किलोमीटर की नई लंबाई जुड़ जाएगी, जिससे पीक आवर्स के दौरान सड़क पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से दिल्ली-एनसीआर की जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
मजेंटा और गोल्डन लाइन विस्तार के लाभ
दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार में मुख्य ध्यान उन क्षेत्रों को जोड़ने पर है जहाँ कनेक्टिविटी की कमी थी। निर्माणाधीन रूटों में मजेंटा लाइन का जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग का विस्तार और नई गोल्डन लाइन का एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर शामिल हैं। इन दोनों लाइनों के शुरू होने के बाद पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। नौकरीपेशा लोग और छात्र अब दूसरे रूट पर बार-बार मेट्रो नहीं बदलेंगे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
चौथे चरण की मंजूरी का समय
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मार्च 2019 को चौथे चरण के तहत मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर (पिंक लाइन), जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग (मजेंटा लाइन) और एरोसिटी-तुगलकाबाद (गोल्डन लाइन) को मंजूरी दी थी। इसके बाद, 13 मार्च 2024 को कैबिनेट ने दो और नए कॉरिडोर लाजपत नगर-साकेत जी-ब्लॉक और इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ को भी हरी झंडी दिखाई। दिल्ली सरकार से देरी से मिली फाइल क्लीयरेंस और कोरोना महामारी के कारण शुरुआती वर्षों में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। हालाँकि, अब निर्माण एजेंसियाँ तेजी से काम कर रही हैं और अधिकांश हिस्सों में सिविल वर्क पूरा हो चुका है।
नए स्टेशन और उनके निर्माण की स्थिति
हाल ही में, 8 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिंक लाइन के मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर और मजेंटा लाइन के दीपाली चौक से मजलिस पार्क खंड का उद्घाटन किया। अब इसके अगले हिस्से के तहत कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक और मजलिस पार्क से आरके आश्रम मार्ग तक के 17.528 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर काम चल रहा है, जहाँ कुल 14 नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर, दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद तक 23.622 किलोमीटर लंबे गोल्डन लाइन कॉरिडोर का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए 15 स्टेशन शामिल किए गए हैं।