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दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा आकृति चौधरी को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने रिहा करने का दिया आदेश

दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी NSA हिरासत को रद्द करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। यह मामला नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें आकृति पर आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भड़काया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सबूतों की कमी पर सवाल उठाए और राज्य से स्पष्ट वीडियो सबूत की मांग की। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के निर्णय के पीछे की कहानी।
 

आकृति चौधरी की रिहाई का आदेश


नई दिल्ली. नोएडा हिंसा के मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है, जो पिछले पांच महीनों से जेल में थीं। अदालत ने उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को रद्द कर दिया है, यह कहते हुए कि राज्य द्वारा प्रस्तुत मामला केवल एक मनगढ़ंत कहानी पर आधारित है।


हाईकोर्ट की सुनवाई और सबूतों की कमी

जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने आकृति की हेबियस कॉर्पस याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें तत्काल रिहा किया जाए, जब तक कि किसी अन्य मामले में उनकी गिरफ्तारी आवश्यक न हो। यह मामला इस वर्ष अप्रैल में नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से संबंधित है, जो वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर शुरू हुआ था और बाद में हिंसक हो गया। पुलिस ने इस घटना में कई लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें आकृति चौधरी भी शामिल थीं।



सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने सरकार से उस वीडियो सबूत की मांग की, जिसमें आकृति को प्रदर्शनकारियों को भड़काते हुए दिखाया गया हो। हालांकि, सरकार ने केवल चार्जशीट और गवाहों के बयानों का हवाला दिया, लेकिन अदालत के समक्ष कोई स्पष्ट वीडियो सबूत पेश नहीं किया जा सका।


कोर्ट ने सबूतों की कमी पर उठाए सवाल

हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा कि वह सबूत कहां है, जिसमें आकृति ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाया। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव ने कहा कि यदि वीडियो मौजूद है, तो उसे अदालत में पेश किया जाए। राज्य ने वीडियो प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि आकृति को पिछले पांच महीनों से जेल में रखा गया है, और उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया की भी जांच की गई।