दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल की हत्या: सीसीटीवी फुटेज से मिले नए सुराग
दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर की हत्या की जांच में नया मोड़
दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में पढ़ाने वाली प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण सुराग सामने आया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दो नकाबपोश व्यक्तियों को उनके वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट में प्रवेश करते हुए देखा है। यह घटना उस दिन की है जब प्रोफेसर का शव फ्लैट से बरामद हुआ था।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को उनका शव खून से लथपथ अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उनकी हत्या किसी भारी वस्तु से सिर पर वार करके की गई थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
सीसीटीवी फुटेज में बुधवार को नकाबपोश व्यक्तियों को देवोस्मिता के फ्लैट की ओर जाते हुए देखा गया है। सूत्रों के अनुसार, वे लगभग 40 से 45 मिनट तक परिसर में रहे और फिर वहां से चले गए। जांचकर्ता उनकी पहचान करने और हत्या के संभावित संबंधों का पता लगाने में जुटे हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, देवोस्मिता की हत्या बुधवार दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच हुई थी। हालांकि, पुलिस अभी भी अंतिम घंटों की गतिविधियों की जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि देवोस्मिता ने बुधवार को अपनी मां से दोपहर करीब 12:30 बजे फोन पर बात की थी। परिवार का कहना है कि उस बातचीत में वह सामान्य लग रही थीं और किसी खतरे का जिक्र नहीं किया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब उनकी बहन देवारती पॉल ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि वह सुबह से अपनी बहन से संपर्क करने की कोशिश कर रही थीं, और जब संपर्क नहीं हुआ, तो वह फ्लैट पर गईं। वहां पहुंचने पर फ्लैट बाहर से बंद था। शक होने पर उन्होंने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां देवोस्मिता की लाश खून से सनी हुई पाई गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, देवोस्मिता अपने फ्लैट में अकेली रहती थीं, जबकि उनके पति बेंगलुरु में रहते हैं।