दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन, कुलपति की संवेदनहीनता पर उठे सवाल
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एक कार्यक्रम में भाग लेने की कड़ी आलोचना की है। यह घटना सत्य निकेतन में हाल ही में हुई दुखद त्रासदी के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जिसमें कई छात्रों की जान गई और अन्य गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे।
सत्य निकेतन त्रासदी के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनहीनता जारी है।
NSUI ने आज वाइस चांसलर के खिलाफ प्रदर्शन कर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। तीन दिन पहले छात्रों की मौत हुई है, लेकिन वाइस चांसलर पीड़ितों और छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय कार्यक्रमों में व्यस्त… pic.twitter.com/sHm4BgrBMw
— NSUI (@nsui) September 8, 2026
एनएसयूआई के सदस्यों ने आर्ट्स फैकल्टी के पास इस कार्यक्रम के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की असंवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाए और सत्य निकेतन त्रासदी से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के प्रति तत्काल जवाबदेही की मांग की। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय समुदाय इस समय शोक में है, ऐसे में कुलपति का किसी कार्यक्रम में शामिल होना अनुचित था।
प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के आचरण को असंवेदनशील बताया, यह कहते हुए कि त्रासदी के तुरंत बाद किसी कार्यक्रम में भाग लेना उचित नहीं था। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले प्रभावित परिवारों को सांत्वना देनी चाहिए थी। इसके बजाय, कुलपति का कार्यक्रम में शामिल होना छात्रों के गुस्से का कारण बना। यह घटना विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को भी दर्शाती है।
एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से त्रासदी के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के लिए उचित मुआवजे और सहायता की भी मांग की। छात्रों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने का एक प्रयास था।