×

दिल्ली सचिवालय में संयुक्त संसदीय समिति की बैठक, सीएम रेखा गुप्ता ने किया स्वागत

दिल्ली सचिवालय में हुई संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समिति के सदस्यों का स्वागत किया। इस बैठक में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई। सीएम ने बताया कि ये विधेयक सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। समिति ने दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना की और सुझाव दिए कि ये बदलाव लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में मदद करेंगे।
 

संयुक्त संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक

संयुक्त संसदीय समिति द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए विभिन्न संशोधन विधेयक की प्रतियां


प्रस्तावित विधेयक सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और संवैधानिक नैतिकता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: सीएम रेखा गुप्ता


नई दिल्ली: दिल्ली सचिवालय में बुधवार को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता से मुलाकात की। यह समिति संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 की ‘लोकल स्टडी विजिट’ के लिए दिल्ली आई हुई है। मुख्यमंत्री ने समिति की अध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में समिति ने मुख्यमंत्री को तीनों विधेयकों की मुख्य बातें, उनके उद्देश्य और प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी और उनसे जुड़े दस्तावेज भी सौंपे। समिति ने बताया कि इन विधेयकों का मकसद सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना, संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना और लोगों का भरोसा और अधिक बढ़ाना है।


इस अवसर पर संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी के नेतृत्व में सांसद डॉ. के. लक्ष्मण, श्री उज्ज्वल देवराव निकम, श्रीमती डी. के. अरुणा, श्री परशोत्तम रुपाला, श्री असदुद्दीन ओवैसी, डॉ. इंद्र हांग सुब्बा, श्री अनुराग ठाकुर, श्री बृज लाल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री मनन कुमार मिश्रा सहित लोकसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त संसदीय समिति का दिल्ली सचिवालय में स्वागत करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल संवैधानिक प्रावधानों से ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, जवाबदेही और जनविश्वास से भी संचालित होता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बनाए रखना और शासन व्यवस्था में जनता का विश्वास सुदृढ़ करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उन्होंने समिति को दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे, संवैधानिक विशेषताओं और दिल्ली में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, सुझावों और प्रशासनिक अनुभवों को सराहा। संयुक्त संसदीय समिति ने दिल्ली सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए विस्तृत और तथ्यपरक इनपुट्स की प्रशंसा करते हुए उन्हें विचार-विमर्श की प्रक्रिया में उपयोगी बताया और दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में विचाराधीन संविधान (130वां संशोधन) विधेयक का मूल उद्देश्य सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करना है। ये प्रस्तावित विधेयक सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और संवैधानिक नैतिकता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। समिति द्वारा प्राप्त सुझाव और विचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने और शासन प्रणाली में जनविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारत की लोकतांत्रिक परंपरा निरंतर संवाद, विमर्श और सुधार की भावना से ही और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विषय पर व्यापक विमर्श लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।