दिल्ली सरकार का अवैध निर्माणों पर सख्त अभियान: 124 संपत्तियों की जांच
दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति के तहत राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न एजेंसियों द्वारा अवैध संपत्तियों का ध्वस्तीकरण, सीलिंग और कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उनका उद्देश्य एक स्थायी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे भविष्य में ऐसे खतरनाक निर्माणों पर रोक लगाई जा सके।
प्रवर्तन अभियान की विस्तृत जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। राजस्व विभाग ने 124 संपत्तियों की जांच की, जिसमें उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई। पिछले छह दिनों में, दिल्ली नगर निगम ने 94 संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किया और 114 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा, डीडीए को अतिक्रमण के खिलाफ अपने प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी समाधान पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे भवनों और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित की जाए। इससे भवन स्वामियों पर सुरक्षा नियमों के अनुपालन का दबाव बनेगा और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
राजस्व विभाग की कार्रवाई
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने विभिन्न जिलों में 124 स्थलों का निरीक्षण किया। उत्तर जिले में उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए, जबकि अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की गई। दक्षिण जिले में 30 स्थलों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 11 परिसरों को सील किया गया।
नगर निगम की सख्त कार्रवाई
1 से 6 जून के बीच, दिल्ली नगर निगम ने 94 संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किया और 114 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा, अनधिकृत निर्माण के मामलों में 84 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इस अभियान के दौरान, निगम ने कानूनी और भौतिक दोनों स्तरों पर कार्रवाई को तेज किया।
डीडीए की बैठक और भविष्य की योजनाएं
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की एक उच्चस्तरीय बैठक में अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माणों की रोकथाम पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वास्तुकार को पैनल से हटाने और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।