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दिल्ली-हरियाणा में नकली घी बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

दिल्ली और हरियाणा में एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो नकली घी का व्यापार कर रहा था। FSSAI ने 6500 लीटर से अधिक मिलावटी घी और कच्चा माल जब्त किया। जांच में पाया गया कि विज्ञापनों में आवश्यक लाइसेंस और लेबलिंग की जानकारी नहीं थी। इसके बाद, अधिकारियों ने विक्रेताओं से सैंपल लेकर उनकी जांच की, जिसमें घी के मानकों का उल्लंघन पाया गया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और स्वास्थ्य पर इसके संभावित प्रभाव।
 

नकली घी के कारोबार का भंडाफोड़

दिल्ली और हरियाणा में एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो नकली घी का व्यापार कर रहा था। यह गिरोह ऑनलाइन और प्रिंट विज्ञापनों के जरिए अपने उत्पादों को बेचता था। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के सहयोग से खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 6500 लीटर से अधिक मिलावटी घी और कच्चा माल जब्त किया है।


जांच में मिली अनियमितताएँ

FSSAI को प्रीमियम गाय के घी और सामान्य घी के विज्ञापनों में कुछ अनियमितताएँ मिलीं। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि विज्ञापनों में FSSAI के लाइसेंस और लेबलिंग की जानकारी अनुपस्थित थी, जिससे अधिकारियों को संदेह हुआ। नॉर्दर्न रीजनल ऑफिस के निदेशक देवेश कुमार महला की निगरानी में हरियाणा और दिल्ली में कई ऑपरेशनों को अंजाम दिया गया।


सैंपल की जांच और कार्रवाई

स्थानीय पुलिस के सहयोग से केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एक जाल बिछाया। एक अधिकारी ने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर विक्रेता से संपर्क किया और कई सैंपल खरीदे। इन सैंपलों की जांच FSSAI से मान्यता प्राप्त NABL एक्रेडिटेड लैब में की गई, जहां यह पाया गया कि ये सैंपल घी के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें गैर-डेयरी तत्व और वस्पति तेल शामिल थे।


स्वास्थ्य पर खतरा

लैब रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया कि यह घी लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके बाद, FSSAI की खुफिया टीम सक्रिय हुई और नकली घी बनाने वाले नेटवर्क के निर्माण स्थल, भंडारण और वितरण के स्थानों का पता लगाया। सटीक जानकारी के आधार पर, 17 जून को हरियाणा और दिल्ली में कई स्थानों पर छापे मारे गए, जिसमें लगभग 6500 लीटर मिलावटी घी और कच्चा माल बरामद किया गया।