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दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक के मामले में तत्काल सुनवाई से किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इतनी जल्दी क्यों है, जबकि नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई संभव है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को होगी। वांगचुक, जो नीट परीक्षा में धांधलियों के खिलाफ अनशन पर थे, को उनकी बिगड़ती सेहत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
 

दिल्ली हाई कोर्ट का निर्णय

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया है। हालांकि, इस मामले की तात्कालिकता पर सवाल उठाते हुए मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा, "इतनी जल्दी क्यों?" अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर नियमित प्रक्रिया के तहत बुधवार को सुनवाई की जा सकती है, इसलिए तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है।


तत्काल सुनवाई की मांग पर हाई कोर्ट का जवाब

हाई कोर्ट ने तुरंत सुनवाई की मांग को नकारा
मुख्य न्यायाधीश 'देवेंद्र कुमार उपाध्याय' और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाना असंवैधानिक है। याचिका में मांग की गई कि पुलिस की कार्रवाई को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना जाए। इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि जो निर्णय बुधवार को लिया जा सकता है, उसके लिए आज इतनी जल्दी क्यों है? याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर सभी प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है और लोगों की जान खतरे में है, लेकिन अदालत ने इस आधार पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं समझी। अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 22 जुलाई 2026 को होगी।


पत्नी की याचिका का खारिज होना

पत्नी की याचिका पहले ही हो चुकी है खारिज
आपको बता दें कि इससे पहले, 19 जुलाई को एक विशेष सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक की पत्नी 'गीतांजलि जे. आंग्मो' की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। तब अदालत ने कहा था कि प्रशासन द्वारा वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय उचित था और इसमें कोई मनमानी नहीं की गई थी।


सोनम वांगचुक का आंदोलन

क्यों आंदोलन पर बैठे हैं सोनम वांगचुक?
लद्दाख के प्रमुख सुधारक सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में 28 जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। वह देश में नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधलियों और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। अनशन के 20वें दिन डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।