दिवाली पर मौसम का मिजाज: बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
IMD मौसम चेतावनी:
दिवाली के दिन जब देशभर में खुशियों का माहौल है, वहीं मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है।
मौसमी गतिविधियों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी राज्यों को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के मौसम पर भी पड़ सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 13 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 10 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। केरल और माहे में 8 नवंबर को बारिश हो सकती है, और 9 से 13 नवंबर तक भी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर से बिहार तक मौसम में बदलाव
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 11 से 13 नवंबर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इन राज्यों में बड़े स्तर पर बारिश का अनुमान नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में बदलाव आ सकता है।
पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में 11 से 13 नवंबर तक बारिश और हिमपात की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का असर
पूर्वोत्तर भारत में अगले सप्ताह बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 9 से 13 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 11 नवंबर को भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12 नवंबर तक बारिश का अनुमान है।
मछुआरों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
लक्षद्वीप और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दूसरी ओर, मध्य और पश्चिम भारत में अगले एक सप्ताह तक किसी बड़ी मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है।