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दिव्या मित्तल का राजनीति में प्रवेश: जनता की आवाज बनने का संकल्प

उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि वह जनता के लिए काम करेंगी और किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ेंगी। दिव्या का उद्देश्य उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों पर भी चर्चा की और सभी वर्गों के लोगों से सहयोग की अपील की। जानें उनके राजनीतिक सफर के बारे में और कैसे वह उत्तर प्रदेश में बदलाव लाने का प्रयास करेंगी।
 

दिव्या मित्तल का राजनीतिक सफर शुरू

उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से यह घोषणा की कि वह जनता के लिए काम करेंगी। उन्होंने एक स्कूल का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने तीन साल पहले इसकी मंजूरी दी थी, लेकिन अब तक इसका निर्माण नहीं हुआ है। दिव्या 2013 बैच की IAS अधिकारी रह चुकी हैं।


राजनीति में किसी दल से नहीं जुड़ेंगी

दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ेंगी और केवल जनता के साथ मिलकर काम करेंगी। उनका उद्देश्य उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने कहा, 'मैं यूपी में रहूंगी और सवाल पूछने से नहीं डरूंगी। मुझे बाहुबल की आवश्यकता नहीं है। कृपया मेरा समर्थन करें।'


इस्तीफे की वजह

दिव्या मित्तल:-
आपके तीन सवाल थे, आगे क्या, किसके साथ और कहां से। मैं आजादी के 80 सालों का हिसाब मांगना चाहती हूं।


दिव्या ने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक गांव में स्कूल की स्वीकृति के तीन साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा, एक भूमिहीन व्यक्ति को पट्टे की जमीन का कब्जा नहीं मिल सका।


उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस्तीफे के कुछ घंटों बाद एक प्रमुख पार्टी के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वह दूसरी पार्टी के नेता से मिली थीं, जो कि गलत था। उनका मानना है कि यह एक महिला को डराने की कोशिश थी।


राजनीति की शुरुआत

दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा यहीं से शुरू होगी। उन्होंने देवरिया में ऑपरेशन कब्जा मुक्ति का उल्लेख किया, जिसमें लोगों ने सरकारी जमीनों से कब्जे हटाए। दिव्या ने पेपर लीक और एआई से रोजगार पर खतरे जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।


सहयोग की अपील

दिव्या मित्तल ने सभी वर्गों के लोगों, जैसे शिक्षकों, डॉक्टरों, किसानों, मजदूरों, वकीलों और छात्रों से सहयोग की अपील की है। इसके लिए उन्होंने लोगों से कमेंट करने या अपने व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेजने का आग्रह किया है।


इस्तीफे की तारीख

दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को IAS से इस्तीफा दिया था, जिसे 14 सितंबर को मंजूर किया गया। इस्तीफे के मंजूर होने पर उन्होंने लिखा था, 'IAS से मेरा इस्तीफा स्वीकार हो गया है।'


दिव्या मित्तल का परिचय

दिव्या ने IIT दिल्ली से बी टेक और IIM बेंगलुरु से MBA किया है। इसके अलावा, वह लंदन में एक उच्च वेतन वाली नौकरी भी कर चुकी हैं।