दिशा सालियन की मौत मामले में CBI ने FIR दर्ज की, आदित्य ठाकरे का नाम शामिल
मुंबई में दिशा सालियन की मौत की जांच में नया मोड़
मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है। FIR में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे सहित कई अन्य व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है। दिशा की मृत्यु जून 2020 में मुंबई में हुई थी, और उनके निधन के कुछ ही दिनों बाद सुशांत की भी मौत हो गई थी। इस कारण दिशा के परिवार ने लंबे समय से मामले की पुनः जांच की मांग की थी।
पिता की शिकायत पर FIR का आधार
CBI ने दिशा के पिता सतीश सालियन के बयान के आधार पर FIR दर्ज की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत से जुड़े सबूतों को नष्ट करने या प्रभावित करने का प्रयास किया गया। शिकायत में आपराधिक साजिश, आत्महत्या का रूप देने और सबूतों में छेड़छाड़ के आरोपों की जांच की मांग की गई है।
आदित्य ठाकरे और अन्य का नाम शामिल
Mumbai, Maharashtra: On the CBI filing an FIR in the Disha Salian death case, advocate Nilesh Ojha says, "On June 9, Disha’s mobile phone was retained and operated by Sachin Waze, Aaditya Thackeray, and others. They kept the phone in their possession until June 17, after which it… pic.twitter.com/OufBBw4HrH
— IANS (@ians_india) September 14, 2026
सतीश सालियन के बयान में आदित्य ठाकरे के अलावा अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, रोहन रॉय और पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का नाम भी शामिल है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, डीसीपी विशाल ठाकुर और अन्य पुलिसकर्मियों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सभी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
बयान दर्ज करने की प्रक्रिया
FIR दर्ज होने से दो दिन पहले, 11 सितंबर को सतीश सालियन ने CBI के समक्ष अपना बयान दिया था। उनके वकील निलेश ओझा भी इस दौरान एजेंसी के कार्यालय में मौजूद थे। वकील ने मामले में गंभीर अपराधों और सबूतों से जुड़े पहलुओं की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
जांच में तेजी
CBI ने पहले मालवणी पुलिस से दिशा सालियन की मौत से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगे थे। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद, एजेंसी ने मामले की नई जांच शुरू की है। कोर्ट ने जांच की निगरानी के लिए CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति का भी आदेश दिया था।