दुबई में 30,000 रुपये में कमरा: एक भारतीय महिला का चौंकाने वाला वीडियो
दुबई की असली तस्वीर: एक कमरे का टूर
दुबई: दुनिया भर में अपनी चमक-दमक और आलीशान जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध 'सपनों का शहर' दुबई की एक चौंकाने वाली वास्तविकता सामने आई है। नौकरी और बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने वाले लोगों की जिंदगी हमेशा लग्जरी नहीं होती, इस बात को एक वायरल वीडियो ने उजागर किया है। भारतीय कंटेंट क्रिएटर कीर्तिना एल ने दुबई में 30,000 रुपये महीने किराए पर एक छोटे से कमरे का टूर दिखाया है, जिसे देखकर इंटरनेट यूजर्स हैरान रह गए हैं।
कमरे की संकीर्णता और किराया
इस वायरल वीडियो में कीर्तिना दर्शाती हैं कि दुबई में 30,000 रुपये (1,200 से 1,300 दिरहम) का किराया देने पर भी कितनी तंग जगह मिलती है। कमरे का डिज़ाइन एक छोटे डुप्लेक्स जैसा है, जिसमें ऊपर सोने के लिए केवल एक गद्दा रखा गया है, जबकि नीचे की जगह केवल सामान रखने के लिए ही है। कमरे में एक एसी है, लेकिन हर इंच की जगह का सही उपयोग करना पड़ता है। यदि दो लोग इस कमरे को साझा करते हैं, तो किराया बढ़कर 1,400 से 1,500 दिरहम (लगभग 36 से 39 हजार रुपये) हो जाता है, जो शुरुआती सैलरी पाने वाले प्रवासियों के लिए बहुत भारी पड़ता है।
सोशल मीडिया पर बहस का विषय
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स दो समूहों में बंट गए हैं। कुछ लोगों ने कमरे के आकार को देखकर हैरानी जताई और कहा कि इतनी संकीर्ण जगह में रहना किसी के लिए भी असहज होगा। वहीं, खाड़ी देशों में लंबे समय से रह रहे प्रवासियों ने बताया कि दुबई आने वाले अधिकांश लोग करियर की शुरुआत में ऐसे ही छोटे कमरों से अपना सफर शुरू करते हैं। यूजर्स का कहना है कि भले ही यह जगह बाहर से असहज लगे, लेकिन कम सैलरी में गुजारा करने और बचत करने वालों के लिए यह विदेश में टिके रहने की पहली सीढ़ी होती है।
दुबई में रहने का खर्च
यह वायरल वीडियो उन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है जो विदेश में नौकरी को केवल ऊंची सैलरी के नजरिए से देखते हैं। दुबई जैसे महानगरों में कमाई के साथ-साथ रहने का खर्च, खाना-पीना और दैनिक यात्रा का खर्च भी काफी अधिक होता है। कम या मध्यम आय वर्ग के प्रवासियों की आधी से अधिक सैलरी केवल रहने की जगह के किराए में चली जाती है। कीर्तिना का यह वीडियो स्पष्ट करता है कि दुबई केवल ऊंची इमारतों और रईसी का नाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे संघर्ष करने वाले लाखों प्रवासियों की अनकही कहानियाँ भी छिपी हैं।