दुबई में लॉटरी जीतने से भारतीय प्रवासी की किस्मत बदली
किस्मत का बड़ा तोहफा
नई दिल्ली/दुबई : यह कहना मुश्किल है कि किस्मत कब और कैसे बदल जाए। भारतीय प्रवासी किशोर पांडुरंग राव, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में रहते हैं, के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। लगभग तीन दशकों से UAE में निवास कर रहे राव ने हाल ही में लॉटरी में 50 लाख दिरहम, जो लगभग 12.9 करोड़ रुपये के बराबर है, जीत लिए। यह खुशी उनके 60वें जन्मदिन से केवल पांच दिन पहले आई, जिसने उनके भविष्य की योजनाओं को नया मोड़ दिया है। अब वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने, दुनिया की यात्रा करने और UAE का गोल्डन वीजा प्राप्त करने का सपना देख रहे हैं।
लॉटरी में भागीदारी
किशोर पांडुरंग राव 1993 में UAE पहुंचे थे। उन्होंने 3 अक्टूबर को आयोजित UAE लॉटरी के 'लकी डे' ड्रॉ में भाग लिया, जिसके लिए उन्होंने 50 दिरहम (लगभग 1,300 रुपये) का टिकट खरीदा। टिकट खरीदते समय उन्होंने 'ईजी पिक' विकल्प चुना, जिसमें लॉटरी के नंबर अपने आप निर्धारित हो जाते हैं।
जीत का अहसास
ड्रॉ के दौरान उनके टिकट के 'डेज' खंड के सभी छह नंबर सही निकले, जिससे राव ने 50 लाख दिरहम का दूसरा पुरस्कार जीता। जब उन्हें इस बड़ी जीत की खबर मिली, तो पहले उन्हें विश्वास नहीं हुआ। लेकिन जब उन्होंने समाचारों में अपना नाम देखा और लॉटरी खाते में नतीजों की जांच की, तब उन्हें यकीन हुआ कि वह सच में करोड़ों रुपये जीत चुके हैं।
परिवार के साथ समय बिताने की इच्छा
इतनी बड़ी रकम जीतने के बावजूद, राव ने तुरंत अपने परिवार को इस बारे में नहीं बताया। उन्होंने पहले इस खुशखबरी को अपने तक सीमित रखा और बाद में अपनी पत्नी को बताया, जिससे वह बेहद खुश हुईं। राव के लिए यह जीत केवल आर्थिक लाभ नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार के साथ बेहतर जीवन बिताने का एक अवसर भी है। काम और अन्य कारणों से उन्हें लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहना पड़ा। अब उनकी इच्छा है कि उनकी पत्नी और बच्चे UAE में उनके साथ रहें।
दुनिया की यात्रा का सपना
किशोर राव अब अपनी पत्नी के साथ विभिन्न देशों की यात्रा करना चाहते हैं। उनकी पत्नी को भी घूमने का शौक है, इसलिए यह सपना दोनों के लिए खास है। इसके अलावा, राव लंबे समय से UAE का गोल्डन वीजा प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं, और लॉटरी में मिली रकम से उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
आर्थिक अनुशासन का महत्व
राव ने करोड़ों रुपये जीतने के बाद लॉटरी खेलने वालों को आर्थिक अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि किसी को भी अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च नहीं करना चाहिए और लॉटरी में भाग लेने से पहले खर्च की सीमा तय करना आवश्यक है।
जन्मदिन का खास तोहफा
जन्मदिन से ठीक पहले मिली यह जीत राव के लिए एक यादगार तोहफा बन गई है। अब उनकी प्राथमिकता केवल धन जुटाना नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतें पूरी करना, पत्नी और बच्चों के साथ समय बिताना और वर्षों से देखे जा रहे सपनों को पूरा करना है।