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देश में यूरिया और उर्वरकों की स्थिति: कोई कमी नहीं

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, भारत में यूरिया और अन्य उर्वरकों की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान में कोई कमी नहीं है, लेकिन यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो किल्लत हो सकती है। फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड ने बताया कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक है और खरीफ सीजन में कोई समस्या नहीं होगी। जानें इस विषय में और क्या कहा गया है।
 

युद्ध की स्थिति से प्रभावित हो सकती है आपूर्ति


यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ता है, तो किल्लत की संभावना


अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के कारण पश्चिम एशिया में स्थिति गंभीर हो गई है। इस संकट की लपटें मध्य एशिया तक पहुंच रही हैं। इस बीच, भारत के उर्वरक मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देश में यूरिया और अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, लेकिन यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो भविष्य में किल्लत हो सकती है।


उर्वरक की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं

फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (फैक्ट) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कंपनी दक्षिण भारत में उर्वरक की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। कंपनी उर्वरक उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल, जैसे रॉक फॉस्फेट और फॉस्फोरिक एसिड, पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व से समुद्री मार्ग से लाती है।


खरीफ सीजन में स्थिति सामान्य रहेगी

कंपनी के प्रबंध निदेशक एस. सक्तिमणि ने कहा कि वर्तमान में यूरिया की कोई कमी नहीं है और खरीफ सीजन में कोई समस्या नहीं आएगी। उन्होंने आशा जताई कि युद्ध की स्थिति एक महीने के भीतर सामान्य हो जाएगी। वर्तमान में भारत में फसल कटाई का कोई मौसम नहीं है, जो जुलाई के बाद शुरू होगा।


उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक

कंपनी के पास लगभग 1.4 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक है। मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान, कंपनी लगभग 1.5 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का उत्पादन करने की योजना बना रही है। सितंबर 2026 तक, कंपनी का लक्ष्य खरीफ सीजन के लिए 5.5 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का उत्पादन करना है, साथ ही 1 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का आयात भी किया जाएगा। कंपनी ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार के सहयोग से उर्वरक की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।