देश में हाइब्रिड आतंकियों की बढ़ती गतिविधियाँ, ISI का जाल फैला
आईएसआई और आतंकियों का खतरा
नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में आईएसआई और आतंकवादी संगठनों की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में 'हाइब्रिड आतंकियों' की भर्ती की जा रही है। हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में सोलर कैमरों के माध्यम से रेकी करने और अंबाला में आरडीएक्स की सप्लाई के दौरान हुई गिरफ्तारी ने इस बात की पुष्टि की है।
गिरफ्तारियों का सिलसिला
एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े तीन आरोपियों—अकबर अली (अजमेर), अनस (मेरठ) और जगबीर (अंबाला)—को आरडीएक्स के साथ गिरफ्तार किया। चौथा आरोपी मक्खनदीप (पंजाब) फरार है।
गाजियाबाद में गिरफ्तारी
गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से सुहेल मलिक (मेरठ) सहित छह अन्य आरोपियों को खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया। जांच में यह सामने आया कि सुहेल ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सोलर कैमरे लगवाए थे।
नए मॉड्यूल की पहचान
इस टेरर मॉड्यूल से जुड़े नौ आरोपियों को 20 मार्च को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पांच किशोर भी शामिल हैं। इससे पहले, 18 मार्च को आईबी और एटीएस ने आरडीएक्स कनेक्शन में हापुड़ से अजीम राणा और मेरठ से आजाद राजपूत को पकड़ा था। दोनों का संपर्क शहजाद भट्टी से वीडियो कॉल के जरिए था।
खुफिया जांच का दायरा
खुफिया एजेंसियां, आईबी, एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस इन अलग-अलग मॉड्यूल की गहन जांच कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएसआई और आतंकवादी संगठनों ने 12 से अधिक राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा है। बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और कश्मीर में स्थानीय युवाओं को 'हाइब्रिड आतंकियों' के रूप में तैयार किया जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा पर खतरा
कुछ समय पहले देशभर में रेल पटरियों को नुकसान पहुंचाने और ट्रेनों को पटरी से उतारने की साजिशों का खुलासा हुआ था, जिसे खुफिया एजेंसियों ने 'रेल जिहाद' कहा था। अब गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने रेलवे स्टेशन, मेट्रो और रैपिड रेल स्टेशनों की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान भेजने की बात कबूल की है।