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देशभर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन, पुराने ट्रैफिक चालान का मिलेगा समाधान

इस साल की अंतिम नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें लाखों लोगों को उनके पुराने ट्रैफिक चालान और छोटे न्यायिक मामलों का समाधान मिलेगा। विभिन्न राज्यों के नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां 50 से 100 फीसदी तक की रियायत दी जा सकती है। जानें किन मामलों का निपटारा होगा और आवश्यक दस्तावेज क्या हैं।
 

नेशनल लोक अदालत का आयोजन


नई दिल्ली: इस वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। इस अदालत में लाखों लोगों को उनके पुराने लंबित ट्रैफिक चालान और छोटे न्यायिक मामलों का समाधान करने का अवसर मिलेगा। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों को तेज, सरल और कम खर्च में न्याय प्रदान किया जा सके।


पिछली लोक अदालत का अनुभव

इससे पहले, 8 नवंबर 2025 को दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया था, जिसमें 31 जुलाई 2025 से पहले के वर्चुअल कोर्ट चालानों का निपटारा किया गया था। 13 दिसंबर को होने वाली इस लोक अदालत में कई राज्यों के नागरिकों को पुराने मामलों से राहत मिलने की संभावना है।


रियायत की जानकारी

कितनी फीसदी मिलेगी रियायत?


राज्यों द्वारा लंबित चालानों पर छूट दी जा रही है, जिसमें कई मामलों में 50 से 100 फीसदी तक की रियायत मिलने की संभावना है। इस कारण, कई वाहन मालिक अपने पुराने चालानों से छुटकारा पाने में सक्षम होंगे। यह लोक अदालत केवल छोटे और कम्पाउंडेबल मामलों के निपटारे के लिए आयोजित की जाती है।


निपटारे के लिए मामलों की सूची

किस तरह के मामलों का होगा निपटारा?


इस लोक अदालत में सीट बेल्ट या हेलमेट न पहनने, सामान्य ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, वैध पीयूसी न होना, ड्राइविंग लाइसेंस का न होना, नंबर प्लेट या फिटनेस सर्टिफिकेट की कमी और गलत तरीके से जारी किए गए चालान जैसे मामलों का निपटारा किया जाएगा।


हालांकि, गंभीर अपराध जैसे ड्रंक ड्राइविंग, हिट एंड रन, खतरनाक ड्राइविंग और चोट या मौत से जुड़े मामलों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों पर कोई छूट नहीं मिलेगी।


जरूरी दस्तावेज

कौन-कौन से होने चाहिए जरुरी दस्तावेज?


वाहन मालिकों को लोक अदालत में उपस्थित होने से पहले अपने राज्य के ट्रैफिक पुलिस पोर्टल या परिवहन विभाग की वेबसाइट पर चालान की जांच करनी होगी। चालान को सेव या प्रिंट करना आवश्यक होगा। कुछ मामलों में टोकन बुक कराना भी जरूरी हो सकता है। लोक अदालत के दिन व्यक्ति को निर्धारित कोर्ट में पहुंचकर अपने दस्तावेज जमा कराने होंगे, जिनमें आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र और चालान की कॉपी शामिल हैं।


राज्यों की सूची

किन-किन राज्यों के मामलों का होगा निपटारा?


इस राष्ट्रीय लोक अदालत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मामलों का निपटारा किया जाएगा। दस्तावेज जांच के बाद जज और ट्रैफिक अधिकारी चालान पर छूट लागू करेंगे। कई छोटे मामलों में पूर्ण माफी भी दी जा सकती है।


भुगतान कैश या यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान पूर्ण होने पर लोक अदालत का निपटान आदेश जारी होगा, जिससे मामला स्थायी रूप से बंद हो जाएगा।