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देहरादून में डेंगू के मामलों में वृद्धि, स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी

देहरादून में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हाल ही में 13 नए मरीजों की पहचान के बाद, कुल संक्रमितों की संख्या 273 तक पहुँच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आस-पास पानी जमा न होने दें। जानें इस स्थिति में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
 

डेंगू का प्रकोप जारी

देहरादून। डेंगू के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। हाल ही में एक दिन में 13 नए मरीजों की पहचान के बाद, इस सीजन में कुल संक्रमितों की संख्या 273 तक पहुँच गई है। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता को और बढ़ा दिया है। वर्तमान में, जिले के विभिन्न अस्पतालों में डेंगू से प्रभावित 20 मरीजों का इलाज चल रहा है।


स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। नए मरीजों के सामने आने के बाद, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रही हैं। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए, घरों और आस-पास के क्षेत्रों में लार्वा की जांच, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।


अस्पतालों में मरीजों की देखभाल

अस्पतालों में भर्ती मरीजों पर निगरानी

डेंगू के मामलों में वृद्धि के बीच, स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है और गंभीर स्थिति वाले मरीजों की विशेष देखभाल की जा रही है।


लोगों से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने घरों और आस-पास पानी जमा न होने दें, क्योंकि साफ पानी में भी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर पनप सकते हैं। इसके अलावा, बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।


बढ़ते आंकड़ों की चिंता

बढ़ते आंकड़े ने बढ़ाई चिंता

देहरादून में डेंगू के मरीजों की संख्या 273 तक पहुँचने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। विशेष रूप से, बारिश के बाद जमा पानी को तुरंत हटाने और कूलर, गमले, टायर तथा अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने देने पर जोर दिया जा रहा है।