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धर्मेंद्र कश्यप का बीजेपी से इस्तीफा: सपा में शामिल होने की चर्चा

धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी से इस्तीफा देकर सपा में शामिल होने की संभावनाओं पर चर्चा की है। उन्होंने पार्टी के भीतर असंतोष व्यक्त किया और अपनी बेटी की सक्रिय राजनीति में एंट्री की योजना भी साझा की। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम का क्या असर होगा।
 

धर्मेंद्र कश्यप का बीजेपी से अलविदा


यूपी विधानसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को एक और झटका लगा है। मंगलवार शाम को आंवला लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने अपने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त संदेश साझा किया—‘टाटा-बाय-बाय।’ इस संदेश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। बुधवार सुबह, उन्होंने मीडिया के समक्ष आकर बीजेपी से अपने इस्तीफे की घोषणा की। यह निर्णय अचानक नहीं था, क्योंकि कश्यप ने पार्टी संगठन के प्रति अपनी असंतोष व्यक्त किया है।


उनका आरोप है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन लोगों ने उनके खिलाफ काम किया और उन्हें हराने के लिए अंदर से धोखा दिया, पार्टी ने उन्हीं को बाद में संगठन में महत्वपूर्ण पद दिए। यह असंतोष केवल टिकट या पद के लिए नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर उनके साथ हुए व्यवहार पर भी है। कश्यप ने कहा कि यदि ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं का पार्टी को ‘टाटा-बाय-बाय’ कहना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी में उन्हें घुटन महसूस होने लगी थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।


धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस पर कश्यप ने कहा कि वे पहले अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे और उनकी राय के आधार पर अगला राजनीतिक कदम तय करेंगे। इसका मतलब है कि उन्होंने अभी अपने सभी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सपा की संभावना को भी नकारा नहीं किया है।


यदि धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल होते हैं, तो इसका प्रभाव केवल उनकी राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। रुहेलखंड की राजनीति में कश्यप का एक महत्वपूर्ण स्थान है। वे 2014 और 2019 में आंवला से बीजेपी के टिकट पर लगातार दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।


एक और दिलचस्प पहलू यह है कि धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी कीर्ति कश्यप को भी सक्रिय राजनीति में लाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी को जहां चाहेंगे, वहां से टिकट मिलेगा। ऐसे में यदि धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल होते हैं, तो उनकी बेटी के भी सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो सकती हैं।