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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री ने छोड़ा पद

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र साझा कर इस निर्णय की जानकारी दी। पिछले एक महीने से CJP द्वारा चलाए जा रहे प्रदर्शनों और विपक्षी दलों की मांगों के बीच, प्रधान ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। पत्र में उन्होंने शिक्षा के प्रति अपने समर्पण और NEET परीक्षा में आई अनियमितताओं का उल्लेख किया। अब नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति की संभावना पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
 

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा


धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। पिछले एक महीने से अधिक समय से NEET पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। इस मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। सोनम वांगचुक ने भी इस मुद्दे पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त की। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। मानसून सत्र की शुरुआत होते ही संसद में यह मामला गरमाया और हंगामा हुआ। अंततः शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।


सोशल मीडिया पर पत्र के माध्यम से दी जानकारी

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अचानक सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी। पत्र में उन्होंने लिखा, "मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।"


NEET परीक्षा को लेकर पत्र में महत्वपूर्ण बातें

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया, "3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। भारत सरकार ने इसे तुरंत संज्ञान में लेते हुए सीबीआई को जांच सौंपी और परीक्षा को रद्द कर दिया। इसके साथ ही पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया। हमारी प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए सभी सरकारी विभागों ने मिलकर काम किया।"


नीट मामले पर जिम्मेदारी ली

धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में लिखा, "पहले दिन से मैंने इस मामले की जिम्मेदारी ली और कभी भी इससे मुंह नहीं मोड़ा। मेरा संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावनाओं को परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली। हालांकि, कुछ जिम्मेदार व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे मुझे अत्यंत दुख हुआ।"


नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति की संभावना

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी को लेकर जल्द नए निर्णय की उम्मीद कर रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इस फैसले और आगे की प्रक्रिया पर अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। विपक्ष और छात्र संगठनों ने इस घटनाक्रम को नीट पेपर लीक विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है, और सभी की नजर आगे की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर बनी हुई है।