धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर और संपत्ति का विवरण
धर्मेंद्र प्रधान का परिचय
हाल ही में नीट पेपर लीक के मामले को लेकर छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह प्रदर्शन एक महीने से अधिक समय से चल रहा था, जिसमें छात्रों ने प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है। ओडिशा से आने वाले प्रधान को उनकी संगठनात्मक क्षमता और संसदीय अनुभव के लिए जाना जाता है।
धर्मेंद्र प्रधान का प्रारंभिक जीवन
धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ। उनका परिवार राजनीति में सक्रिय रहा है, उनके पिता देवेंद्र प्रधान भी भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। धर्मेंद्र ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ओडिशा में प्राप्त की और तालचेर कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। छात्र जीवन में ही उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से राजनीति में कदम रखा।
धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक करियर
धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा की युवा इकाई और छात्र संगठन से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने 2000 में पहली बार राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यभार संभाला और बाद में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। 26 मई 2014 से 7 जुलाई 2021 तक, वे भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रहे।
शिक्षा मंत्री के रूप में उनकी भूमिका
धर्मेंद्र प्रधान 7 जुलाई 2021 से 25 जुलाई 2026 तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का कार्यान्वयन, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, नीट पेपर लीक के कारण उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा और अंततः उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
धर्मेंद्र प्रधान की संपत्ति
2024 के लोकसभा चुनाव के हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल संपत्ति लगभग ₹6.92 करोड़ है। इसमें उनकी व्यक्तिगत संपत्ति ₹1.99 करोड़ है। उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर की संपत्ति ₹4.12 करोड़ है।
धर्मेंद्र प्रधान के पास सोना और चांदी
धर्मेंद्र प्रधान के पास ओडिशा में ₹12 लाख की कृषि भूमि और ₹20.50 लाख की गैर-कृषि भूमि है। उनके पास 200 ग्राम सोना और 2.5 किलो चांदी है। उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोना और 10 किलो चांदी है।