धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर बढ़ता विरोध, सोनम वांगचुक का अनशन जारी
विरोध प्रदर्शन की तीव्रता
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ देशभर में विरोध की लहर तेज हो गई है। विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, जिसमें दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर हो रहा प्रदर्शन सबसे प्रमुख है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं, जिसमें वे प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपने अनशन को तब तक जारी रखेंगे जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते।
सोनम वांगचुक की स्थिति
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि वे 20 जुलाई तक जीवित रहने का संकल्प लिए हुए हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनका अनशन गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन अब 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है। वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे 20 जुलाई को संसद तक होने वाले प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों।
वांगचुक का संकल्प
प्रदर्शन स्थल पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने अपनी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने अपने संकल्प को मजबूत बताया। उन्होंने कहा, 'मैं बाहरी रूप से कमजोर महसूस कर रहा हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। हमें 20 जुलाई के लिए इस ऊर्जा की आवश्यकता है, जब हम संसद तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। हम सब मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।'
धर्मेंद्र प्रधान की गतिविधियाँ
इस बीच, यह जानना दिलचस्प है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन विरोध प्रदर्शनों के बीच क्या कर रहे हैं। जब से उनके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं, वे सार्वजनिक रूप से कम ही नजर आ रहे हैं।
सरकारी कार्यक्रमों में कमी
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों से पहले जितने सरकारी कार्यक्रमों में भाग लिया, अब उन्होंने उनमें कमी कर दी है। उन्होंने आखिरी बार 10 जुलाई को केंद्रीय विद्यालय पल्लहारा भूमि पूजा और अस्थायी परिसर उद्घाटन समारोह में ऑनलाइन भाग लिया था।
दिल्ली में अनुपस्थिति
धर्मेंद्र प्रधान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नजर डालने से पता चलता है कि 10 जुलाई के बाद वे किसी भी कार्यक्रम में दिल्ली में नहीं दिखाई दिए। वे ज्यादातर समय अपने गृह राज्य ओडिशा में बिता रहे हैं। इस दौरान, उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और धार्मिक गुरुओं से मिले।
दिल्ली आने से बचना?
पीएम मोदी के हालिया ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे की जानकारी भी प्रधान ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा की है। इसके अलावा, उन्होंने लोगों को जन्मदिन की बधाई और भगवान जगन्नाथ की यात्रा के बारे में संदेश भी साझा किए हैं। लेकिन, ऐसा प्रतीत होता है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों के कारण राजधानी आने से बच रहे हैं।