धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक और राहुल गांधी की प्रतिक्रियाएँ
सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया और इस सफलता का श्रेय देशभर के छात्रों को दिया। सोनम ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी, जो 26 दिनों तक चली, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनकी भूख हड़ताल को समाप्त किया।
लोकतंत्र की जीत का जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम ने शुक्रवार को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'यह लोकतंत्र की जीत है, जो सीधे सड़कों से आई है।' उन्होंने इसे 'शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत' बताया और कॉकरोच जनता पार्टी, देश की 'जेन-जी' और आम लोगों को बधाई दी।
आंदोलन की दिशा
सोनम ने आगे कहा, 'सीजेपी, देश की जेन-जी को बधाई। सभी नागरिकों का धन्यवाद, जिन्होंने डर को छोड़कर खड़े होने का साहस दिखाया।' उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अब आंदोलन को जवाबदेही और सुधारों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
राहुल गांधी का बयान
अब सरकार को हटाने का वक्त आ गया: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी युवाओं को बधाई दी और कहा कि अब इस सरकार को हटाने का समय आ गया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, 'देशभर के छात्रों पर गर्व है।'
सामाजिक वर्गों का समर्थन
उन्होंने आगे कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों, जैसे किसानों, मजदूरों और गरीबों का अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना असली साहस है। राहुल ने कहा, 'इस सरकार को हटाने का समय आ गया है। डरो मत!'
शरद पवार की प्रतिक्रिया
लोकतंत्र की बड़ी जीत: शरद पवार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे युवाओं की एकजुटता और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उन्होंने आंदोलन का समर्थन करने के लिए विपक्षी सांसदों का भी धन्यवाद किया।
युवा शक्ति की एकता
शरद पवार ने कहा, 'प्रदर्शनकारियों की मांग के जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया। अन्याय के खिलाफ बिना डरे संघर्ष करने के लिए सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। यह देश में युवा शक्ति की एकता की एक बड़ी जीत है।'