धर्मेंद्र प्रधान पर कांग्रेस का हमला, संसद में हंगामा
संसद में धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत, कांग्रेस ने उठाए सवाल
सोमवार को पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, जहां कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने उन पर कटाक्ष किया। प्रधान ने जवाब देते हुए कहा कि वह एक स्ट्रीट फाइटर हैं, न कि एसी कमरों में बैठने वाले एक्टिविस्ट। एक विपक्षी सांसद ने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब किसी मंत्री ने बिना आरोप का सामना किए इस्तीफा दिया।
भाजपा का स्वागत, कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
संसद परिसर में प्रधान के पहुंचते ही भाजपा और एनडीए सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस पर जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा सांसद ऐसा स्वागत कर रहे थे जैसे प्रधान ने कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की हो।
विपक्ष ने लगाए नारे
कांग्रेस ने प्रधान के स्वागत पर भाजपा की कड़ी आलोचना की, इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह युवाओं का अपमान है। विपक्षी सांसदों ने 'चोर-चोर, पेपर चोर' जैसे नारे भी लगाए।
प्रधान का छात्रों पर आरोप
जयराम रमेश ने एक पोस्ट में कहा कि प्रधान ने पेपर लीक के मामले में इस्तीफा देते समय छात्रों पर गुमराह होने का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा यह मानती है कि प्रधान का काम सराहनीय था, जबकि छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ।
धर्मेंद्र प्रधान का पुराना विरोध
धर्मेंद्र प्रधान ने 29 साल पहले ओडिशा में एक पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल पेश
सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया गया, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण चर्चा नहीं हो पाई। कांग्रेस और सपा के सांसदों ने वेल में बैनर लेकर नारेबाजी की।
कार्यवाही स्थगित
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सरकार और विपक्ष को चर्चा के लिए सहमति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चर्चा नहीं होती है, तो कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी।