नई दिल्ली में झाड़ू-मुक्त शहर अभियान का आगाज़, एनडीएमसी ने शुरू की नई मशीनें
नई दिल्ली में स्वच्छता के लिए तकनीकी पहल
नई दिल्ली: नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने राजधानी में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए ‘झाड़ू-मुक्त शहर’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परिषद के अध्यक्ष केशव चंद्र ने शुक्रवार को पालिका केंद्र से 20 अत्याधुनिक कूड़ा संग्रहण मशीनों ‘गॉब्लर’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने बताया कि एनडीएमसी स्मार्ट और तकनीकी समाधानों को अपनाकर शहरी स्वच्छता को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘झाड़ू-मुक्त शहर’ पहल का मुख्य उद्देश्य मैनुअल सफाई पर निर्भरता को कम करना, कार्यकुशलता को बढ़ाना और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि बैटरी से चलने वाली ‘गॉब्लर’ मशीनें विशेष रूप से बाजारों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। ये मशीनें कम शोर करती हैं, पर्यावरण के अनुकूल हैं और प्रभावी ढंग से कचरा संग्रहण में सक्षम हैं। इनसे संपर्क-रहित और तेज सफाई को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा।
अध्यक्ष ने बताया कि इन मशीनों के उपयोग से कचरे के साथ मानव संपर्क में कमी आएगी, जिससे सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य जोखिम और शारीरिक श्रम में कमी आएगी। इसके साथ ही, उनकी सुरक्षा और गरिमा में भी सुधार होगा। व्यस्त क्षेत्रों में इनकी तैनाती से दृश्य स्वच्छता और सेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
एनडीएमसी ने स्वच्छता के लिए एक व्यापक मशीनीकरण रणनीति भी लागू की है। इसके तहत उद्यान क्षेत्रों में लीफ ब्लोअर से पत्तों की सफाई, सड़कों की प्राथमिक सफाई, और कचरे के निष्कासन के बाद मशीनीकृत सड़क सफाई (एमआरएस) के जरिए बड़े पैमाने पर धूल हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद लिटर पिकर मशीनों और उच्च-दबाव जेटिंग मशीनों से अंतिम सफाई सुनिश्चित की जाती है।
वर्तमान में, 7 मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनें दो शिफ्टों में 350-400 किलोमीटर सड़कों की सफाई कर रही हैं, जबकि 10 उच्च-दबाव जेटिंग मशीनें गहन सफाई में लगी हैं। इसके अलावा, 20 ‘गॉब्लर’ मशीनें बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में कचरा संग्रहण का कार्य संभाल रही हैं।
कनॉट प्लेस, खान मार्केट और सरोजिनी नगर जैसे प्रमुख स्थलों पर इलेक्ट्रिक ई-कार्ट्स के माध्यम से कचरे का पृथक संग्रहण किया जा रहा है। वहीं, 27 वेट मॉपिंग ट्रॉलियां बाजारों की दैनिक गीली सफाई सुनिश्चित कर रही हैं।
छोटी गलियों और कॉलोनियों में, जहां मशीनों की पहुंच सीमित है, वहां 29 मैनुअल सफाईकर्मी तैनात हैं। इसके साथ ही 4 राइड-ऑन स्वीपर और 4 स्क्रबर मशीनें फुटपाथों की विशेष सफाई कर रही हैं, जिससे पैदल क्षेत्रों में स्वच्छता में सुधार हुआ है।
एनडीएमसी का यह समेकित और तकनीक-आधारित मॉडल संसाधनों के कुशल उपयोग और कार्यों के सुव्यवस्थित संचालन के जरिए राजधानी में स्वच्छता के नए मानक स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य एक स्वच्छ, हरित और आधुनिक नई दिल्ली का निर्माण करना है।