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नए साल 2026 का जश्न: भारत और विश्व भर में उत्सव का माहौल

नए साल 2026 का स्वागत भारत और विश्व के विभिन्न देशों में धूमधाम से किया गया। भारत में लोग खुले आसमान के नीचे नाचते और आतिशबाजी करते हुए नए साल का जश्न मनाते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी को शुभकामनाएं दीं। जापान में बौद्ध मंदिरों में विशेष परंपरा निभाई गई, जबकि चीन में रोशनी और पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ नए साल का स्वागत हुआ। जानें इस उत्सव के बारे में और अधिक जानकारी।
 

भारत में नए साल का स्वागत


भारत में आधी रात को नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया गया। सभी प्रमुख शहरों में लोग खुले आसमान के नीचे इकट्ठा हुए, नाच-गाकर और आतिशबाजी करके नए साल का स्वागत किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी से राष्ट्र के विकास, सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने का आग्रह किया।


राष्ट्रपति ने कहा कि नया साल नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है, और इसे आत्म-चिंतन और नए संकल्प लेने का अवसर बताया। उन्होंने सभी भारतीयों को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2026 हमारे जीवन में शांति, सुख और समृद्धि लेकर आए।


जापान में नए साल का अनोखा स्वागत

जापान में भी नए साल 2026 का स्वागत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। 31 दिसंबर की रात को ओमिसोका कहा जाता है, जो नए साल का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान बौद्ध मंदिरों में एक विशेष परंपरा निभाई जाती है, जिसे जोया नो काने कहा जाता है।


इस परंपरा के तहत मंदिरों की घंटियां 108 बार बजाई जाती हैं, जो मानव के 108 सांसारिक दोषों का प्रतीक हैं। हर घंटी के साथ एक दोष समाप्त होता है। लोग मंदिरों में प्रार्थना करते हैं और नए साल में शुद्ध मन से प्रवेश करते हैं।


चीन में आतिशबाजी और पारंपरिक उत्सव

चीन के बड़े शहरों में भी नए साल का स्वागत रोशनी, आतिशबाजी और पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ किया गया। हांगकांग में ऊंची इमारतों पर काउंटडाउन क्लॉक दिखाई गई, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए।


मलेशिया के कुआलालंपुर और चीन के अन्य प्रमुख शहरों में भी नए साल का जश्न मनाया गया। एशिया के हर देश में इस अवसर पर धूमधाम से उत्सव मनाए गए।