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नवजात शिशु के लिए स्तनपान का महत्व: पहले घंटे में क्यों है आवश्यक?

नवजात शिशु के लिए मां का दूध एक अमूल्य पोषण स्रोत है, जो उसके विकास के लिए आवश्यक तत्व प्रदान करता है। जन्म के तुरंत बाद का कोलोस्ट्रम बच्चे की पहली वैक्सीन के समान होता है। यह लेख बताता है कि क्यों पहले घंटे में स्तनपान करना महत्वपूर्ण है, और इसके कई स्वास्थ्य लाभ क्या हैं। जानें कि कैसे सही तरीके से स्तनपान कराने से न केवल बच्चे को बल्कि मां को भी लाभ होता है।
 

स्तनपान का महत्व

नई दिल्ली: नवजात शिशु के लिए मां का दूध एक अनमोल पोषण स्रोत है। यह जन्म के तुरंत बाद शिशु को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जो उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें मौजूद एंटीबॉडी शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे वह विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से सुरक्षित रहता है।


जन्म के बाद जो गाढ़ा पीला दूध निकलता है, उसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है। इसे कभी भी फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि यह बच्चे की पहली वैक्सीन के समान कार्य करता है। इसमें विटामिन ए और इम्युनिटी बढ़ाने वाले तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू किया जाए।


एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले छह महीनों तक बच्चे को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। कई लोग मानते हैं कि गर्मी में बच्चे को पानी देना आवश्यक है, लेकिन ऐसा नहीं है। मां के दूध में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है, जो बच्चे की प्यास बुझाने के साथ-साथ भूख भी मिटाता है।


यह ध्यान रखना आवश्यक है कि जब भी बच्चे को भूख लगे, उसे स्तनपान कराना चाहिए। कोई निश्चित समय निर्धारित करने की आवश्यकता नहीं होती। इसे डिमांड फीडिंग कहा जाता है, जो बच्चे के लिए सबसे उपयुक्त होती है। इससे बच्चे का पेट भरता है और दूध का उत्पादन भी संतुलित रहता है।


स्तनपान के दौरान बच्चे की सही पकड़ (अटैचमेंट) बहुत महत्वपूर्ण है। यदि बच्चा सही तरीके से स्तन नहीं पकड़ता, तो उसे पूरा दूध नहीं मिल पाता और मां को भी दर्द या परेशानी हो सकती है। इसलिए शुरुआत में थोड़ी सावधानी बरतना आवश्यक है, और जरूरत पड़ने पर किसी डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।


जन्म के बाद बच्चे को कभी भी शहद, घुट्टी या अन्य कोई चीज (जिसे प्री-लैक्टियल फीड कहा जाता है) नहीं देनी चाहिए। ये चीजें साफ-सुथरी नहीं होतीं और बच्चे को संक्रमण या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मां के लिए भी स्तनपान फायदेमंद होता है। इससे शरीर जल्दी रिकवर करता है और गर्भाशय जल्दी सामान्य स्थिति में लौटता है। साथ ही, यह प्राकृतिक रूप से अगली गर्भावस्था को कुछ समय के लिए टालने में मदद करता है।