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नशा मुक्त नूरपुर अभियान का शुभारंभ: समाज की सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता

आईडिया ऑफ़ भारत फाउंडेशन ने 'चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर' अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह अभियान 60 दिनों तक चलेगा, जिसमें घर-घर जाकर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल में समाज की सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता है। जानें इस अभियान के बारे में और कैसे यह युवाओं को सकारात्मक दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहा है।
 

नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान की शुरुआत

नूरपुर (विनय महाजन): आईडिया ऑफ़ भारत फाउंडेशन ने आज पंजाहड़ा पंचायत से “चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर” अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत अगले 60 दिनों में क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।


अभियान के उद्घाटन पर आईडिया ऑफ़ भारत फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे समाज के हर वर्ग को मिलकर लड़ना होगा।


उन्होंने बताया कि युवाओं को खेल, शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रखने के लिए निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। राहुल शर्मा ने कहा कि “चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर” केवल एक अभियान नहीं है, बल्कि यह समाज को नशे की समस्या के प्रति जागरूक करने और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास है। घर-घर संपर्क के माध्यम से परिवारों से सीधा संवाद किया जाएगा और लोगों से नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की जाएगी।


उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए हर परिवार, हर युवा और समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। यदि हम सभी मिलकर अपने आसपास के युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक वातावरण प्रदान करें, तो नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है। इस अभियान के शुभारंभ पर जितेंद्र सिंह पठानिया, सुमन बाला, नीरजा देवी, जोगिंदर पठानिया, प्रेम शर्मा, शुभम पाल सहित अन्य लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।