नाइजीरिया में अवैध खनन के आरोप में 37 कैदियों की संदिग्ध मौत
नाइजीरिया में हिरासत में मौतों का मामला
नाइजीरिया में अवैध खनन के आरोप में हिरासत में लिए गए 37 व्यक्तियों की संदिग्ध परिस्थितियों में दम घुटने से मौत हो गई है। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों के बीच हिंसा और प्रदर्शनों की लहर उठ गई है, जिसके चलते पुलिस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने नाइजर राज्य के बोरगू क्षेत्र में मंगलवार को सोने के अवैध खनन में संलिप्त 50 से अधिक युवाओं को गिरफ्तार किया था। हिरासत में दो दिन बिताने के बाद, 37 कैदियों को अर्धसैनिक बल के एक केंद्र में मृत पाया गया।
परिजनों का कहना है कि कैदियों की मौत अत्यधिक भीड़भाड़ और गर्मी के कारण हुई, जिससे हवा का प्रवाह बाधित हो गया। दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसी का दावा है कि ये मौतें डिप्थीरिया के कारण हो सकती हैं। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मौतों के सही कारणों की पुष्टि केवल चिकित्सा और प्रयोगशाला जांच के बाद ही की जा सकेगी।
घटना की जानकारी फैलते ही खनिकों और मृतकों के परिजनों ने मीना शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए, जिसमें सार्वजनिक बसों और सरकारी संपत्तियों पर पथराव किया गया। पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
नाइजर राज्य के गवर्नर मोहम्मद उमर बागो ने इस घटना को 'दुखद और दर्दनाक' बताते हुए तीन दिनों के शोक की घोषणा की है। उन्होंने आगामी चुनावों के प्रचार अभियान को भी स्थगित कर दिया है और लापरवाही के आरोप में संबंधित सुरक्षा बलों के कमांडर को हिरासत में लिया गया है।