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नागपुर में पत्नी ने पति की हत्या की सुपारी देकर किया चौंकाने वाला खुलासा

महाराष्ट्र के नागपुर में एक पत्नी ने अपने पति की हत्या का सौदा कर दिया, जिससे पारिवारिक रिश्तों और कानून-व्यवस्था में हड़कंप मच गया। शराब की लत और घरेलू हिंसा के चलते मनीषा ने शादी में मौजूद लोगों के सामने एक लाख रुपये का प्रस्ताव रखा। इस चौंकाने वाली घटना में पुलिस ने मनीषा और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। जानें इस खौफनाक वारदात की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

खौफनाक वारदात का खुलासा


पुणे: महाराष्ट्र के नागपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और कानून-व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। शराब की लत, घरेलू हिंसा और बेटियों की सुरक्षा को लेकर उपजे गुस्से के चलते एक पत्नी ने अपने पति की हत्या का सौदा कर दिया। पुलिस ने इस मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पत्नी सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।


शादी में हुआ विवाद

यह घटना नागपुर के भांडेवाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र की है। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं हैं। मृतक की पहचान गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर के रूप में हुई है, जो इलाके का एक कुख्यात अपराधी था। पुलिस के अनुसार, लगभग डेढ़ महीने पहले कन्हान क्षेत्र में एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान गणेश ने अपनी पत्नी मनीषा बोरकर के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की थी।


पत्नी ने किया था चौंकाने वाला ऐलान

इस अपमान से आहत मनीषा ने शादी में मौजूद लोगों के सामने एक चौंकाने वाला ऐलान किया। उसने कहा कि जो कोई भी उसके पति को मार देगा, उसे वह एक लाख रुपये देगी। उस समय वहां मौजूद मेहमानों ने इसे पारिवारिक झगड़े का गुस्सा समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के युवकों ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया।


गहने बेचकर जुटाए पैसे

मनीषा की यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से दो बेटियां हैं। पुलिस पूछताछ में मनीषा ने रोते हुए अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि गणेश न केवल रोज शराब पीकर उसके साथ बर्बरता से मारपीट करता था, बल्कि उसकी बेटियों पर भी बुरी नीयत रखता था। इस नरक से छुटकारा पाने के लिए मनीषा ने हत्या का रास्ता चुना। शादी में उसके ऐलान के बाद, ददू उर्फ अभिजीत साखरे और अमन उर्फ नाटो पप्पू कैतवार नाम के अपराधियों ने मनीषा से संपर्क किया। सौदा तय होने के बाद, मनीषा ने अपने सोने के गहने बेचकर हत्या की सुपारी के तौर पर 50,000 रुपये की एडवांस रकम अमन को दी।


रेकी कर रात में किया हमला

एडवांस पैसे मिलने के बाद शूटरों ने गणेश की हत्या की योजना बनाई। बीती रात मुख्य आरोपी अमन और उसके दो साथी भांडेवाड़ी इलाके में गणेश की निगरानी करते रहे। जैसे ही गणेश एक सुनसान जगह पर अकेला मिला, आरोपियों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गणेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, गणेश बोरकर पर पहले से ही हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के 12 से अधिक मामले दर्ज थे।


दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता पत्नी मनीषा बोरकर और अभिजीत उर्फ ददू साखरे को गिरफ्तार कर लिया है। नागपुर के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शिवप्रसाद पारवे ने बताया कि मनीषा ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने वाले दो मुख्य हमलावर (अमन और उसका साथी) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।