नागालैंड में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, 9 लोगों की मौत
नागालैंड में प्राकृतिक आपदा का कहर
कोहिमा। भारत के पूर्वी क्षेत्र में स्थित नागालैंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों, खासकर मोन जिले में आए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण नौ लोगों की जान चली गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने दर्जनों घरों को नष्ट कर दिया है और कई बस्तियां मलबे में तब्दील हो गई हैं। इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन, सुरक्षा बल और आपदा प्रबंधन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
मोन टाउन में सबसे अधिक नुकसान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोन टाउन के शांतम वार्ड और डिफेंस कॉलोनी इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। यहां भूस्खलन के कारण कम से कम 45 घर पूरी तरह से दब गए हैं। मलबे में दबने से मोन टाउन में पांच लोगों की जान गई है। वहीं, नागिनीमोरा क्षेत्र में बाढ़ में बह रहे चार लोगों को स्थानीय लोगों ने बचा लिया है, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा चुमौकेदिमा जिले में एक व्यक्ति के नदी में बह जाने की भी सूचना मिली है।
मुख्यमंत्री का शोक और मुआवजे की घोषणा
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 74,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। बेघर हुए परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां उन्हें भोजन और चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इस समय, मलबे में दबे और लापता लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), असम राइफल्स, स्थानीय पुलिस और नागरिक समाज के स्वयंसेवक मिलकर काम कर रहे हैं। कई क्षेत्रों का संपर्क टूट चुका है, जिससे भारी मशीनरी को घटनास्थलों तक पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम की स्थिति को देखते हुए नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) ने कई जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। प्रशासन ने वोखा, मोकोकचुंग और तुएनसांग जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और उफनती नदियों के पास जाने से बचें।