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नासिक धर्मांतरण मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई

महाराष्ट्र के नासिक में धर्मांतरण मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अवैध मकान को गिराने का नोटिस जारी किया है। इस मामले में स्थानीय पार्षद मतीन पटेल का नाम भी सामने आया है, जो अब सह-आरोपी बन गए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता को एक बड़े नेटवर्क के जरिए मलेशिया भेजने की साजिश की जा रही थी। निदा खान को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, और जांच एजेंसियां इस मामले के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की तहकीकात कर रही हैं।
 

नासिक में धर्मांतरण मामले में प्रशासन की कार्रवाई

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित धर्मांतरण मामले में अब प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद, छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने उस मकान को अवैध घोषित कर दिया है, जहां निदा खान ने फरारी के दौरान शरण ली थी। निगम ने इस मकान को गिराने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए विध्वंस का नोटिस जारी किया है। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आरोपियों के सहयोगियों और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।


पार्षद का नाम और असली मालिकों का खुलासा

पार्षद के नाम से मकान, लेकिन सच निकला कुछ और

जांच के दौरान स्थानीय पार्षद मतीन पटेल का नाम सामने आया। पहले यह माना जा रहा था कि नाहरेगांव स्थित विवादित मकान मतीन पटेल का है, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि इसके असली मालिक हनीफ खान और सैयद सरवर हैं, जिन्होंने इसे लगभग 23 लाख रुपये में खरीदा था। मकान मालिकों ने कहा कि उन्हें निदा खान की असलियत का कोई ज्ञान नहीं था। उनका दावा है कि मतीन पटेल ने अपने 'मेहमानों' को कुछ दिन ठहराने के लिए यह मकान किराए पर दिलवाया था। निदा खान के छिपे होने का खुलासा होते ही पुलिस ने मतीन पटेल को भी सह-आरोपी बना लिया है। इसके साथ ही, मतीन पटेल के कार्यालय को भी अवैध निर्माण मानते हुए नगर निगम ने नोटिस जारी किया है।


धर्मांतरण और धोखाधड़ी का बड़ा नेटवर्क

पीड़िता को 'हानिया' बनाकर मलेशिया भेजने की थी बड़ी साजिश

यह मामला धर्मांतरण और धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी दानिश ने अपनी असली पहचान छिपाकर पीड़िता से दोस्ती की थी, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा था। पीड़िता के वकील मिलिंद कुरकुटे के अनुसार, निदा खान की भूमिका इस साजिश में महत्वपूर्ण थी। निदा पर आरोप है कि उसने पीड़िता का ब्रेनवॉश किया, उसे विशेष धार्मिक ऐप डाउनलोड करवाए और हिजाब पहनने तथा कलमा पढ़ने की ट्रेनिंग दी। चौंकाने वाली बात यह है कि साजिशकर्ताओं ने पीड़िता का नाम बदलकर 'हानिया' रख दिया था और इसी नाम से उसके नए आधिकारिक दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। सरकारी वकील अजय मिसर ने कोर्ट में आशंका जताई है कि आरोपियों का मकसद पीड़िता की पुरानी पहचान मिटाकर उसे मालेगांव के नेटवर्क के जरिए मलेशिया भेजना था।


निदा खान की गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड

पुलिस रिमांड पर निदा खान, कोर्ट ने दी मिलने की रियायत

कई दिनों की फरारी के बाद गिरफ्तार निदा खान को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 11 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि निदा खान गर्भवती है। इस आधार पर, कोर्ट ने उसकी मां को दिन में दो बार (सुबह और शाम) उससे मिलने और आवश्यक दवाइयां देने की अनुमति दी है। निदा खान के वकील एडवोकेट राहुल कासलीवाल ने सभी आरोपों को खारिज किया है, लेकिन उन्होंने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अब जांच एजेंसियां इस एंगल से भी तहकीकात कर रही हैं कि इस पूरे धर्मांतरण नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहां तक जुड़े हुए हैं।