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नासिक में बुजुर्ग का ब्लैकमेलिंग मामला: पीड़ित से आरोपी बनने की कहानी

महाराष्ट्र के नासिक में एक बुजुर्ग ने पुलिस में ब्लैकमेलिंग की शिकायत की, लेकिन जांच के दौरान वह खुद गंभीर आरोपों में फंस गया। रविंद्र गणपत एरंडे ने पहले दावा किया कि कुछ लोग उसे धमका रहे हैं, लेकिन जब पुलिस ने जांच की, तो कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। एक महिला ने एरंडे पर बलात्कार का आरोप लगाया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला दिखाता है कि कभी-कभी शिकायतकर्ता ही सबसे बड़ा राज़ छुपाए होता है।
 

नासिक में अनोखा मामला


नासिक: महाराष्ट्र के नासिक से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने 'पीड़ित' और 'आरोपी' की परिभाषा को उलट दिया है। एक बुजुर्ग, जिसने पुलिस में ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी, जांच के दौरान खुद ही गंभीर आरोपों में फंस गया। सतपुर क्षेत्र के निवासी रविंद्र गणपत एरंडे ने पहले दावा किया कि कुछ लोगों ने उसका टैबलेट चुरा लिया है और उसमें मौजूद निजी फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उससे 12 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उसने पुलिस को बताया कि वह पहले ही 10 हजार रुपये दे चुका है और आगे 50 हजार रुपये देने वाला था।


चूंकि शिकायत गंभीर थी, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड बरामद हुए। जब पुलिस ने इन उपकरणों की जांच की, तो 121 आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले, जिनमें कई महिलाएं और शिकायतकर्ता के जानने वाले लोग शामिल थे। इस खुलासे ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी और अब शक की सुई उसी बुजुर्ग की ओर मुड़ गई, जो पहले खुद को पीड़ित बता रहा था।


जांच के दौरान एक महिला ने एरंडे पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने कहा कि एरंडे ने उसके बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे अलग-अलग होटलों में बुलाया और उसके साथ बलात्कारी संबंध बनाए। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत एरंडे को गिरफ्तार कर लिया। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, आईटी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि हर कहानी का सच वैसा नहीं होता जैसा कि शुरुआत में दिखता है—कभी-कभी 'शिकायतकर्ता' ही सबसे बड़ा राज़ छुपाए होता है।